चालान नहीं कागजात की व्यवस्था करें
जहां पुलिसकर्मी चेकिंग करते है वहां अगर इंश्योरेंस, प्रदूषण और हेलमेट वाले को बैठा दिया जाए तो अच्छा रहेगा। इसके लिए मैं एडीजी से निवेदन करना चाहूंगा। मैं कुछ दिन पहले सिंगापुर गया तो वहां देखा कि ट्रेन, बस आदि वाहनों में कुछ भी खाने पर 25 हजार जुर्माना है। - हरी विश्नोई, क्लब-60 सदस्य
जुर्माने के डर से नियमों का पालन
हम दिल्ली जाते हैं तो वहां नियमों का पालन करते हैं। वहां हमें जुर्माने का डर रहता है। व्यक्ति का जीवन जुर्माने से ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं। - पिंकी चिन्योटी, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन, अध्यक्ष
संस्कारयुक्त शिक्षा से सुधरेंगे हालात
सजा के भय से अपराध कम नहीं होते हैं। संस्कारयुक्त शिक्षा मिले तो व्यक्ति अपने आप सुधर जाएगा। दंड अच्छा है लेकिन भ्रष्टाचार पर लगाम लगनी चाहिए। - विनेश जैन, डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन, अध्यक्ष
मध्यम वर्ग पर बोझ
सरकार ने जुर्माना बढ़ाकर मध्यम वर्ग पर बोझ डाल दिया है। हम तो अपने बच्चों को हेलमेट के लिए समझाते हैं, लेकिन कभी-कभी बच्चे बिना हेलमेट के वाहन चला लेते हैं। वहीं, बारिश के समय सड़कों की असलियत पता लग जाती है। - सीमा, दीवान पब्लिक स्कूल, अध्यापिका
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शहर में मिले छूट
शहर की आंतरिक सड़कों पर लोगों को चालान न किया जाए। लोग अपने घर से बाजार या अपने प्रतिष्ठान पर जाते हैं तो उन्हें भी पकड़कर चालान कर दिया जाता है। हां मुख्य सड़क और हाईवे पर सख्ती जरूर करें। - राजकुमार सचदेवा, टीपीनगर
एसआई स्तर का अधिकारी काटे चालान
नियमानुसार एसआई स्तर का अधिकारी ही चालान काट सकता है। लेकिन शहर में होमगार्ड और ट्रैफिक सिपाही भी लोगों को पकड़कर चालान करने में लगे हैं, जो गलत है। - विकास गांधी, टीपीनगर
कानून के फायदे और नुकसान देखे शासन
कानून जनहित में ही बनाए जाते हैं। लेकिन शासन और प्रशासन को व्यवहारिकता में उसके अच्छे और बुरे परिणाम देखने चाहिए। बढ़ी चालान फीस से लोगों को डराकर पुलिस उगाही करने में लगी है। - वेदप्रकाश गुप्ता, टीपीनगर
सब पर लागू हो एक व्यवस्था
जब कानून बना है तो यह सब पर एकसमान लागू होना चाहिए। पुलिस लोगों के तो चालान काट रही है, लेकिन खुद वे नियमों का पालन नहीं करते। पूरे शहर में पुलिस वाले बिना हेल्मेट के घूमते देखे जा सकते हैं। - राकेश विज, टीपीनगर
अनुशासन पैदा करता है दंड का भय
दंड का भय अनुशासन तो पैदा करता है लेकिन इससे होने वाली दिक्कतों पर भी मंथन करना चाहिए। कई मामलों में जुर्माना राशि वाहन की कीमत से ज्यादा हो जाती है। इसके समाधान के लिए विचार होना चाहिए। - राकेश गौड़
जुर्माना राशि कम हो
चालान की जुर्माना राशि इतनी ज्यादा बढ़ा दी है कि लोग इसे वहन नहीं कर सकते हैं। जनहित में सरकार को इसे कम करना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिले और वे नियमों को पालन भी कर सके। - अंकित गुप्ता
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