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नेत्रपाल हत्याकांड: दो चश्मदीद, दोनों की अलग कहानी, पुलिस का दिमाग भी चकराया, जमानत पर छोड़े पांच नामजद

Sat, 09 Apr 2022 03:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ के सरूरपुर में बुधवार देर रात हुई गोशला संचालक की हत्या के मामले में पुलिस दो चश्मदीदों की कहानी में उलझ गई है। दोनों ही चश्मदीदों ने पुलिस को अलग अलग कहानी बताई है। जिसके बाद पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तार किए पांच नामजद आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया। 
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मृतक की फाइल फोटो, घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र के पांचली बुजुर्ग गांव में बुधवार की रात दो बजे गोशाला संचालक नेत्रपाल की हत्या के मामले की गुत्थी उलझ गई है। बदमाशों के हमले में घायल हारुन को होश आया तो उसने इस मामले में वादी-चश्मदीद चरण सिंह द्वारा नामजद कराए छह लोगों को क्लीन चिट देते हुए छह अन्य आरोपियों के नाम बताए। हारुन के बताए दो आरोपी खुद ही थाने पहुुंच गए तो एक ने फोन करके खुद को हैदराबाद में बताया। इसके बाद पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार पांच लोगोें को थाने से जमानत दे दी।

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बुधवार रात दो बजे जब नेत्रपाल की हत्या हुई तो गोशाला में उनके भाई चरण सिंह और हारुन भी मौजूद थे। दोनों को ही बदमाशों ने पीटा था। गंभीर घायल हारुन अस्पताल में भर्ती था। उधर पुलिस ने वादी चरण सिंह द्वारा नामजद  सुमित, संजीव, सद्दाम, जीशान और इसरार को गिरफ्तार कर लिया था। एक अन्य नामजद दीनू पुलिस के हाथ नहीं आया था।

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शुक्रवार सुबह पुलिस पांचों नामजद आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही थी कि इसी दौरान अस्पताल में भर्ती हारुन को होश आ गया। एक पुलिस टीम हारुन के बयान दर्ज करने पहुंची तो कहानी ही बदल गई। हारुन ने वारदात को अंजाम देने वाले छह अन्य लोगों के नाम बताए। यह सभी चरण सिंह द्वारा नामजद कराए लोगों से अलग थे।

दोनों चश्मदीदों की अलग-अलग कहानी सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। हारुन ने जिन लोगों के नाम बताए उन्हें फोन किया गया तो दो लोग थाने पहुंच गए। तीसरे ने चार दिन से खुद के हैदाराबाद में होने की बात कही। थाना पुलिस ने एसएसपी और एसपी देहात को रिपोर्ट दी। इसके बाद मुकदमे में नेत्रपाल के भाई चरण सिंह द्वारा नामजद आरोपियों को थाने से एक-एक लाख रुपये की जमानत पर छोड़ दिया गया। 

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पुलिस के लिए चुनौती बना हत्याकांड
हत्याकांड के असली आरोपी ढूंढना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बन गया। एसएसपी और एसपी देहात पूरे केस की निगरानी कर रहे हैं।  शुक्रवार को एसओजी और सर्विलांस टीम दोबारा से घटनास्थल पर पहुंची।

पुलिस का दावा है कि गोशाला को लेकर कई लोगों में विवाद चल रहा है। वादी चरणसिंह द्वारा नामजद किसी भी आरोपी के मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल पर नहीं मिली। दोनों चश्मदीद क्यों झूठ बोल रहे हैं। इसकी भी पुलिस पड़ताल करने में लग गई है। 
 
जल्द गिरफ्तार होंगे हत्यारे 
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। कोई बेकसूर जेल नहीं जाएगा और दोषी बख्शा नहीं जाएगा। हत्या करने वाले जल्द गिरफ्तार होंगे।  -प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
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