शुक्रवार सुबह पुलिस पांचों नामजद आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही थी कि इसी दौरान अस्पताल में भर्ती हारुन को होश आ गया। एक पुलिस टीम हारुन के बयान दर्ज करने पहुंची तो कहानी ही बदल गई। हारुन ने वारदात को अंजाम देने वाले छह अन्य लोगों के नाम बताए। यह सभी चरण सिंह द्वारा नामजद कराए लोगों से अलग थे।
दोनों चश्मदीदों की अलग-अलग कहानी सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। हारुन ने जिन लोगों के नाम बताए उन्हें फोन किया गया तो दो लोग थाने पहुंच गए। तीसरे ने चार दिन से खुद के हैदाराबाद में होने की बात कही। थाना पुलिस ने एसएसपी और एसपी देहात को रिपोर्ट दी। इसके बाद मुकदमे में नेत्रपाल के भाई चरण सिंह द्वारा नामजद आरोपियों को थाने से एक-एक लाख रुपये की जमानत पर छोड़ दिया गया।
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पुलिस के लिए चुनौती बना हत्याकांड
हत्याकांड के असली आरोपी ढूंढना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बन गया। एसएसपी और एसपी देहात पूरे केस की निगरानी कर रहे हैं। शुक्रवार को एसओजी और सर्विलांस टीम दोबारा से घटनास्थल पर पहुंची।
पुलिस का दावा है कि गोशाला को लेकर कई लोगों में विवाद चल रहा है। वादी चरणसिंह द्वारा नामजद किसी भी आरोपी के मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल पर नहीं मिली। दोनों चश्मदीद क्यों झूठ बोल रहे हैं। इसकी भी पुलिस पड़ताल करने में लग गई है।
जल्द गिरफ्तार होंगे हत्यारे
पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। कोई बेकसूर जेल नहीं जाएगा और दोषी बख्शा नहीं जाएगा। हत्या करने वाले जल्द गिरफ्तार होंगे। -
प्रभाकर चौधरी, एसएसपी