बागपत जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। जिला संयुक्त चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई। मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते रहे। किसी वार्ड में डॉक्टर देर से पहुंचे तो किसी वार्ड में घंटों इंतजार कर ठंड से कंपकंपाते हुए लोग वापस लौट गए। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर ढंग से बात तक नहीं करते, इलाज तो बाद में होगा।
सिस्टम की लापरवाही का इससे बड़ा नमूना क्या होगा कि मरीजों को यहां स्ट्रेचर तक नहीं मिला। एक बेंच पर मरीज को कई घंटे तक लिटाया गया। जबकि मरीजों के लिए बनाए गए भर्ती वार्ड में कुत्ता मरीजों के बिस्तर पर लेटा रहा। मरीजों को स्वच्छता का पहाड़ा पढ़ाया जाता है। बिस्तर साफ रखने और हाथ धोने के तौर तरीके डॉक्टर ही बताते हैं। लेकिन जिन बिस्तरों पर कुत्ते आराम फरमाते हैं, क्या उन गंदे बेड से मरीजों को बीमारियां नहीं लगेंगी। यह कोई पहला मामला नहीं है। भीड़ भरे जिला अस्पताल में कुत्ते कर्मचारियों को छकाते हुए वार्डों में लेटे नजर आ जाते हैं। सोमवार को भर्ती वार्ड में कुत्ता लेटा रहा, जबकि पुराना कस्बा से मरीज को लेकर पहुंचे लोगों को बेड नहीं मिला। मरीज के साथ पहुंचे अनीस, वारिशा का कहना है कि उन्हें डॉक्टर नहीं मिले।