मुस्लिम समाज में व्याप्त हलाला प्रथा को निशाना बनाकर बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी द्वारा बनाई गई फिल्म मियां कल आना पर देवबंदी उलमा ने आंखें तरेर ली हैं। उनका कहना है कि फिल्म में हलाला को लेकर जो कहानी पेश की गई है, उसे सही नहीं कहा जा सकता।
अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी द्वारा प्रोड्यूस की गई पहली शॉर्ट फिल्म मियां कल आना को 18 जनवरी को यूट्यूब पर रिलीज किया गया। मुस्लिम समाज में व्याप्त हलाला प्रथा को निशाना बनाकर बनाई गई फिल्म में दिखाया गया है कि तीन तलाक की प्रक्रिया के दौरान मुस्लिम महिला हलाला के तहत किन-किन हालातों से गुजरती है और इस प्रक्रिया में वह सिर्फ एक वस्तु बनकर रह जाती है।
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इस फिल्म को लेकर तंजीम उलमा-ए-हिंद व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि बुनियादी तौर पर हलाला का जो मसला है वो पहले शौहर से शादी करने के लिए नहीं है। यह प्रक्रिया तलाकशुदा महिला को सहारा दिलाने के लिए होती है। तलाक के बाद हलाला करने में यह कोई शर्त नहीं होती कि किसी दूसरे व्यक्ति से निकाह केवल इसलिए किया जा रहा है कि औरत फिर से पहले शौहर से निकाह कर सके। हलाला के बाद पहले शौहर से शादी करने के लिए या तो दूसरा शौहर उसे छोड़ दे या मर जाए तो इस स्थिति में औरत पहले पति से निकाह कर सकती है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फिल्म में जो कहानी दिखाई गई है उसे गलत तरीके से पेश किया गया।
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