माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र में व्रतधारियों को बहुत सी सावधानियां बरतने की जरूरत है। उपवास के दौरान गलत खान-पान अपनाया जाए तो थकान, अपच और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। वहीं संतुलित और सात्विक आहार लेने से न सिर्फ शरीर को ऊर्जा मिलती है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। शुगर (मधुमेह), ब्लड प्रेशर और गैस्ट्रिक से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को उपवास से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि उपवास में शरीर को तरोताजा रखना सबसे पहली प्राथमिकता है। रोजाना 8 से 10 गिलास जल अवश्य पीएं। नारियल पानी, नींबू जल या छाछ जैसे पेय पदार्थ लें जो शरीर में खनिज लवणों की कमी को पूरा करते हैं। लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें क्योंकि इससे गैस, अम्लता और सिरदर्द की समस्या हो सकती है। दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें और हल्के योगासन या प्राणायाम से शरीर को सक्रिय बनाए रखें।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि सेंधा नमक का उपयोग करें। तनाव से बचें और ध्यान व जप से मन को शांत रखें। निर्जल उपवास कर रहे श्रद्धालु सुबह-शाम फलों का रस अवश्य लें। उपवास खोलते समय धीरे-धीरे सामान्य भोजन अपनाएं ताकि पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संदीप जैन ने बताया कि उपवास में सात्विक व पौष्टिक भोजन का चुनाव करना चाहिए, जिससे शरीर को शक्ति और पोषण दोनों मिल सके। ताजे फल, दुग्ध उत्पाद और उपवास योग्य अनाज सबसे उपयुक्त हैं।
=============
उपवास के समय ये खाएं...
ताजे फल : सेब, केला, पपीता, अनार, नाशपाती
दुग्ध उत्पाद : दूध, दही, पनीर, छाछ
उपवास अनाज : कुट्टू, सिंघाड़ा, समक चावल
मेवे और बीज : मखाने, बादाम, काजू, किशमिश
हल्की सब्जियां : आलू, लौकी, कद्दू, टमाटर
पेय पदार्थ : नारियल पानी, नींबू पानी, हर्बल चाय या ग्रीन टी
इन चीजों से बचें
गेहूं, चावल, दालें, ज्वार-बाजरा, तले-भुने व जंक फूड जैसे चिप्स, पकौड़े अतिरिक्त चीनी या भारी मिठाइयां, लहसुन, प्याज और मसालेदार भोजन
कैफीनयुक्त पेय : चाय और कॉफी