नमो भारत : मेट्रो का ब्रह्मपुरी स्टेशन।स्रोत : एनसीआरटीसी
प्रधानमंत्री के आगमन और रैपिड-मेट्रो का संचालन शुरू होने लेकर लोगों में खासा उत्साह है। सोशल मीडिया पर लोग खुशी जाहिर करते हुए मेरठ को अब दिल्ली जैसा बताने लगे हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) नमो भारत स्टेशनों को भारत की संस्कृति और विरासत की कलाकृतियों से सजा रहा है। यह नमो भारत को केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक कहानी प्रस्तुत करने का माध्यम बना रही है। इन कलाकृतियों से भारत की सांस्कृतिक पहचान को साझा किया जा रहा है।
मेरठ सेंट्रल स्टेशन पर बनी कलाकृतियां शहर की खेल सामान हब के रूप में वैश्विक पहचान दर्शाती हैं, जहां क्रिकेट बैट, हॉकी स्टिक और बॉक्सिंग ग्लव्स जैसे खेल सामान बनते हैं। भैंसाली स्टेशन की दीवारें पारंपरिक वाद्य यंत्रों को उजागर करती हैं, जिनमें मेरठ के बिगुल को जीआई टैग मिला है और जली कोठी ब्रास बैंड इंस्ट्रूमेंट्स का प्रमुख केंद्र है। शताब्दी नगर स्टेशन आबूलेन की चाट, खेल के सामान और 1857 की स्वतंत्रता क्रांति में मेरठ की भूमिका को दर्शाता है। यहां राष्ट्रसेवा में प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि भी दी गई है। साहिबाबाद और गाज़ियाबाद के स्टेशनों पर नमो भारत से यात्रियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव, जैसे समय की बचत, प्रदर्शित हैं।
मेरठ की विविध विरासत
मेरठ सेंट्रल पर खेल उद्योग की कारीगरी और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय योगदान को पहचान दी गई है। भैंसाली पर स्थानीय कारीगरों के हुनर और भारत की सांगीतिक परंपराओं को दर्शाया गया है। शताब्दी नगर स्टेशन मेरठ के ऐतिहासिक, पौराणिक अतीत और देशभक्ति की विरासत को प्रदर्शित करता है। यह शहर 1857 की क्रांति का बिगुल फूंकने वाले जवानों की धरती है।
भविष्य की योजनाएं और यात्रियों का अनुभव
एनसीआरटीसी ने आनंद विहार और बेगमपुल स्टेशनों पर कलाकृतियों हेतु निविदाएं जारी की हैं। आनंद विहार स्टेशन पर भारत की आध्यात्मिक परंपराएं चित्रित होंगी, जबकि बेगमपुल स्टेशन 1857 के विद्रोह को समर्पित होगा। एमईएस कॉलोनी स्टेशन पर भारतीय सशस्त्र बल की बहादुरी की कहानियां प्रदर्शित होंगी, जो शहर की वीरता और देशभक्ति की विरासत सुदृढ़ करेंगी। इस पहल का उद्देश्य स्टेशनों को सामाजिक हब में बदलना है, जो यात्रियों को जानकारी और यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करते हैं।