मवाना रोड तोफापुर गांव निवासी सेना में नायब सूबेदार 43 वर्षीय अरुण यादव ड्यूटी के दौरान हार्ट अ
ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे मवाना रोड तोफापुर गांव निवासी नायब सूबेदार अरुण यादव (43) का ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह राजस्थान के जोधपुर में 407 गन मिसाइल रेजिमेंट में तैनात थे। सोमवार सुबह तोफापुर गांव में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
नायब सूबेदार 43 वर्षीय अरुण यादव वर्ष 2000 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। पिछले तीन सालों से वह राजस्थान के जोधपुर में 407 गन मिसाइल एयर डिफेंस रेजिमेंट में तैनात थे। अरुण 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे उनकी ड्यूटी जैसलमेर जिले के लोंगेवाला बॉर्डर पर थी। परिजनों के अनुसार बीते तीन जनवरी को वह ड्यूटी पर तैनात थे इसी दौरान हृदयाघात आने से उनका निधन हो गया। एएडी रेजिमेंट के सैन्य अधिकारी उनके पार्थिव शरीर को गांव लेकर पहुंचे। परिजनों के फैसले के बाद उनके खेत में ही सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अधिकारियों ने तिरंगा झंडा अरुण यादव के पिता व बेटों को दिया। उसके उपरांत सैन्य सलामी के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान एसडीएम मवाना संतोष कुमार सिंह, नायब तहसीलदार, सीओ सदर देहात शिव प्रताप सिंह, इंचौली थाना पुलिस मौजूद रही।
परिवार में पिता, दो बेटे और पत्नी
अरुण के रिश्तेदार हरीश के अनुसार अरुण के पिता सूबे सिंह और बड़े भाई कर्मवीर खेती करते हैं। मां जगदेयी का पहले ही निधन हो चुका है। बहन पूनम शादीशुदा है। पत्नी अंजू और दो बेटे आदित्य और कृष यादव गांव में ही रहते हैं। परिजनों के अनुसार अरुण पिछले वर्ष नवंबर में घर आए थे। कुछ दिन रुकने के बाद चले गए। रिश्तेदार हरीश के मुताबिक अरुण 2022 तक शिलांग में भी तैनात रहे।
खेत में समाधि बनवाएंगे
परिजनों के अनुसार अरुण के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार उनके खेत में किया गया। इसी स्थान पर उनकी समाधि बनवाई जाएगी और एक प्रतिमा स्थापित होगी। अंतिम दर्शन में हस्तिनापुर पूर्व विधायक प्रभु दयाल वाल्मीकि, किशोर वाल्मीकि, ग्राम प्रधान अजय सागर आदि पहुंचे।