बरसात में जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए महापौर ने सोमवार को नगर निगम और कैंट बोर्ड के अधिकारियों के साथ निगम सभागार में बैठक की। जिसमें छावनी क्षेत्र से शहर की तरफ आने वाले नालों की सफाई को लेकर संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि आबू नाले का लगभग तीन किलोमीटर हिस्सा छावनी परिषद् के क्षेत्र में आता है। इसके साथ साथ भैसाली रोडवेज के पीछे लगभग 200 मीटर नाला भी छावनी परिषद का है। छावनी परिषद् सीमा से आने वाले नालों की सिल्ट आकर निगम क्षेत्र में रुक जाती है। दोनों नालों की सफाई बरसात से पहले होना जरूरी है। इस दौरान कैंट बोर्ड के सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने कहा 20 जून तक नालों की सफाई करा दी जाएगी। नगरायुक्त मनोज कुमार ने कहा कि नालों के बीच और पटरी पर लगे होर्डिंग के पोल हटाए जाएंगे। नगरायुक्त ने होर्डिंग प्रभारी राजेश कुमार को निर्देश दिए कि होर्डिंग हटाते समय पुलिस का पूरा सहयोग लिया जाए। बैठक में अपर नगरायुक्त पुष्पराज सिंह, संयुक्त नगरायुक्त मृत्युंजय यादव, कर निर्धारण अधिकारी दिनेश यादव, छावनी परिषद सदस्य अनिल जैन, निगम पार्षद सेंसरपाल, हरीश कुमार, सुधीर पुंडीर आदि मौजूद रहे।
नगरायुक्त ने किया नालों का निरीक्षण
नगरायुक्त मनोज कुमार ने मोहनुपरी, आबूनाला, जागृति विहार और भुमिया पुल नालों पर चल रही सफाई का जायजा लिया। साथ ही ओडियन नाले पर स्वयं खड़े होकर नाले की सफाई कराई।
17 को निगम की बोर्ड बैठक
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने आगामी 17 जून को टाउन हॉल में नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलाई है। जिसमें कूड़ा निस्तारण प्लांट, एलईडी और डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था की प्रगति पर चर्चा होगी।