कचहरी में सोमवार को पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। करीब डेढ़ दर्जन लोगों को संदिग्ध बताकर पुलिस ने हिरासत में लिया। जिस पर थाने पर पहुंचे परिजनों ने हंगामा कर दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने इन लोगों को परिजनों की सुपुर्दगी में देकर पीछा छुड़ा लिया।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान के नेतृत्व में सोमवार सुबह 11 बजे सिविल लाइन, टीपीनगर, ब्रह्मपुरी, सदर बाजार, नौचंदी समेत शहर की तमाम पुलिस फोर्स कचहरी में पहुंची। डॉग स्क्वाएड और बम निरोधक दस्ते को लेकर फोर्स ने कचहरी परिसर में चेकिंग की। करीब 200 लोगों से पुलिस ने पूछताछ करके 15 लोगों को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने भिजवा दिया।
बताया गया कि ये लोग कचहरी में घूमने या फिर खाना खाने आए थे। इसकी जानकारी पर उक्त युवकों के परिजन थाने में पहुंचे। बेवजह दिन भर थाने में बैठाकर पूछताछ करने पर लोगों ने एतराज जताते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। बाद में पुलिस ने सभी लोगों को उनके परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया।
अदालत में करूंगा शिकायत
पकड़े गए शरद चौधरी का कहना है कि वह कचहरी में सिर्फ होटल में खाना खाने आए थे। उन्होंने पुलिस को प्रमाण भी दिए, इसके बावजूद उसको दिन भर थाने में रखा। मामले की वह अदालत में शिकायत करेंगे। पुलिस ने खुद कबूला है कि पकड़े युवकों में कोई भी अपराधी नहीं है और न ही उनकी कोई ऐसी गलत बात सामने आई। सिर्फ चेकिंग में उनकी संदिग्ध भूमिका दिखी, जिसके चलते उन्होंने सिर्फ पूछताछ की है।
बाइक पर नंबर तक नहीं था
कार्यवाहक एसओ सिविल लाइन धनवीर सिंह का कहना है कि दो बाइक पर तीन तीन युवक बैठे थे। बाइक पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। एसपी सिटी के नेतृत्व में सघन चेकिंग हुई व उनके निर्देश पर संदिग्ध पकड़े युवकों को थाने से बगैर कार्रवाई के छोड़ा गया। वहीं, एसपी सिटी ने बताया कि कचहरी में कुख्यातों से मुलाकात करने के लिए लोग आते है, जिस पर शिकंजा कसने के लिए सोमवार को चेकिंग हुई थी।