विश्व प्रकृति निधि और वन विभाग के नेतृत्व में अभियान के कोऑर्डिनेटर शाहनवाज खान ने बताया कि पहले दिन बिजनौर बैराज से सिरजोपुर गांव तक गणना की गई। मंगलवार से यहां से आगे गणना होगी।
वरिष्ठ परियोजना अधिकारी संजीव यादव ने बताया कि दो वोट से जीपीएस लोकेशन देखते हुए गणना की जा ही है। ऐसे में 11 अक्टूबर को ही सही संख्या पता चल पाएगी।
सुबह आठ बजे से 11 और शाम को साढ़े तीन बजे से होती है गणना
शोध के मुताबिक डॉल्फिन का सबसे ज्यादा मूवमेंट सुबह आठ बजे से सुबह 11 बजे और दोपहर साढ़े तीन बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक होता है। ऐसे में वह खाने की तलाश में घूमती है। डॉल्फिन हर तीन मिनट में पानी से छलांग लगाती है। ऐसे में इसी समय टीम इसकी गणना करती है, जिससे कि उसकी संख्या का पता चलता है।
ये है पिछले वर्षों की गणना
2015 - बिजनौर बैराज से नरोरा बैराज तक - 22
2016- बिजनौर बैराज से नरोरा बैराज तक - 30
2017- बिजनौर बैराज से नरोरा बैराज तक - 32
2018 - बिजनौर बैराज से नरोरा बैराज तक- 33
2019 - बिजनौर बैराज से नरोरा बैराज तक - 35