उत्तराखंड के जनपद हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र के ब्रह्मपुरी, रावली महमूद निवासी नेत्रपाल की बेटी किरण की शादी करीब 26 साल पूर्व पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव गोधना निवासी विजयपाल पुत्र दिलेराम से हुई थी। दोनों के चार बच्चे भी हैं।
मंगलवार शाम पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके बाद महिला संदिग्ध हालात में लगी आग में झुलस गई। पति व अन्य लोग विवाहिता को उपचार के लिए पुरकाजी ले गए, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद जब ससुराल पक्ष महिला का शव लेकर घर लौटे, तो किरण के बेटे गौरव ने अपने मामा तेलूराम को मम्मी के बीमार होने की सूचना दी। इस पर देर रात करीब 11 बजे मायके पक्ष के लोग गोधना पहुंच गए, जहां ससुराल पक्ष ने उन्हें किरण को अधिक बीमार होना बताते हुए उसे देखने से भी रोक दिया।
परिजनों ने किरण को डॉक्टर के यहां ले चलने के लिए कहा, तो ससुराल पक्ष आनन-फानन में शव को लेकर गांव के श्मशान घाट जा पहुंचा। शव को चिता में रखकर जलाने लगे। शक होने पर मायके पक्ष ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी, जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जलती चिता से शव को निकालकर कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया।
मामले में मृतका किरण के भाई तेेेलूराम ने आरोपी पति विजयपाल, उसके भाइयों मोनू, बिरजू व धर्मवीर के साथ ही ससुर दिलेराम पर महिला को जलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पांचों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
उधर, रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिलते ही ससुराल पक्ष के लोग मकान पर ताला लगाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है। एसएसआई मनोज चौधरी का कहना है कि शव को मोर्चरी भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद महिला की मौत के कारणों का पता चलेगा। फिलहाल तहरीर के आधार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/