फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर रेल हादसा : सिर्फ 36 मिनट में रेलवे को हुआ इतना बड़ा नुकसान

Thu, 24 Aug 2017 02:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ राजदीप जाखड़, मेरठ
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर में रेल हादसा
विज्ञापन
कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे से रेलवे को 36 मिनट में करीब तीस करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात सामने आ रही है। लेकिन इस सरकारी नुकसान को जनता की जेब के बजाय लापरवाह अफसरों और कर्मचारियों से वसूला जाए तो ऐसे हादसों पर कुछ हद तक ब्रेक लग सकता है। 
विज्ञापन


सरकारी लापरवाही
खतौली से लेकर मंसूरपुर के बीच रेलवे ट्रैक काफी पुराना होने के साथ ही जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। आए दिन इस ट्रैक पर मरम्मत का कार्य होता है। लेकिन पटरियां आए दिन चटकती रहती हैं। टूटी पटरियों से ट्रेनें गुजरने की खबरें छपने के बावजूद रेलवे अधिकारी नींद से नहीं जागे। इसका नतीजा गत शनिवार को दिखा जब बिना ब्लाक लिए ही कर्मचारी खतौली में ट्रैक की मरम्मत करने लगे। इस बीच मेरठ से शाम 5:10 बजे रवाना हुई उत्कल एक्सप्रेस 36 मिनट बाद शाम 5:46 बजे धड़धड़ाती हुई खतौली पहुंची तो कर्मचारी खुले ट्रैक को ही छोड़कर भाग खड़े हुए और यह भीषण हादसा हो गया। 

नतीजा जान-माल का नुकसान
रेलवे के अनुसार इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई। 97 लोग घायल हुए। हादसे के बाद बनाई गई विभागीय संयुक्त कमेटी की जांच रिपोर्ट में रेलवे के पाथ-वे विभाग को घटना का दोषी माना गया।
विज्ञापन

चार साल में 345 लोगों की मौत

रेल हादसा
किसी बड़े हादसे के बाद यात्री सुरक्षा के दावे फेल साबित होते हैं। एक सप्ताह के भीतर ही यूपी में दूसरा रेल हादसा औरैया में हो गया। इसमें आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस मानव रहित फाटक पर एक डंपर से टकरा गई। 10 डिब्बे पटरी से उतर गए।

कैरिज एंड वैगन में तीन करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन किया। इसके अलावा पाथ-वे व एसएंडटी पर तीन लाख का नुकसान दर्शाया गया। लेकिन यह नुकसान रेलवे अधिकारियों ने पुराने कोच की कीमत मानते दर्शाया था। इसमें 12 करोड़ रुपये के कोच, छह करोड़ से ट्रैक का नवीनीकरण, 1.7 करोड़ दुर्घटना मुआवजा बांटने के साथ करीब दस करोड़ का नुकसान 36 घंटे यातायात ठप होने से हुआ है। 

सीपीआरओ नार्दन रेलवे नीरज शर्मा ने बताया 
कि उत्कल हादसे से रेलवे को बड़ा नुकसान हुआ है। अधिकारी हादसे से हुए नुकसान का आंकलन जुटा रहे हैं। ऐसे हादसे रोकने के प्रभावी इंतजाम होंगे।
विज्ञापन

बीते सालों में हुए कुछ बड़े रेल हादसे

खतौली ट्रेन हादसा
19 अगस्त 17 : खतौली में उत्कल एक्सप्रेस डिरेल, 22 लोगों की मौत 
17 मार्च 17 : बंगलूरू में एंबुलेंस की ट्रेन से भिड़ंत, 4 महिलाओं की मौत
22 जनवरी 17 : हीराखंड एक्सप्रेस आंध्रप्रदेश में पटरी से उतरी, 27 यात्रियों की मौत 
20 नवंबर 16 : कानपुर के पास पुखरायां में रेल हादसे में 150 से ज्यादा लोगों की मौत,  
25 जुलाई 16 : इलाहाबाद पैसेंजर भदोही में स्कूल वैन से टकराई, 10 स्कूली बच्चों की मौत
20 मार्च 15 : देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 34 की मौत
25 मई 15 : कौशांबी के सिराथू स्टेशन के पास मूरी एक्सप्रेस में हादसा, 25 की मौत
5 अगस्त 15 : मध्यप्रदेश के हरदा में दस मिनट में दो ट्रेन हादसे, 31 लोगों की मौत

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें