1962 में सीपीआई के मेजर जयपाल सिंह कांग्रेस के सुमत प्रसाद जैन के खिलाफ चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में वह हार गए। इसके बाद 1971 में चौधरी चरण सिंह, 1977 में वरुण सिंह कांग्रेेस के टिकट पर लड़े।
इस चुनाव में में वह लोकदल के सईद मुर्तजा से चुनाव हार गए। 1998 में जिले के बड़े जाट नेता हरेंद्र मलिक ने सपा से चुनाव लड़ा और वह भाजपा के सोहनवीर सिंह से चुनाव हार गए।
2009 के लोकसभा चुनाव में उस समय जिले की राजनीति में वर्चस्व स्थापित करने वाली अनुराधा चौधरी रालोद से चुनाव लड़ी, उन्हें बसपा के कादिर राना से हार का मुंह देखना पड़ा। 2019 में इस बार रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह की मैदान में उतरे और हार का इतिहास दोहरा दिया।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/