मुजफ्फरनगर में कवाल कांड को लेकर खालापार के शहीद चौक पर हुई सभा में भड़काऊ भाषण देने के मामले में पूर्व सांसद सईदुज्जमां सहित पांच आरोपी मंगलवार को कोर्ट में पेश हुए, जबकि कादिर राना समेत पांच आरोपी नहीं आए। अदालत ने सभी को तलब करते हुए आरोप तय करने के लिए 19 मार्च की तारीख लगाई है।
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में वर्ष 2013 में 27 अगस्त को कवाल कांड हुआ था, जिसके विरोध में 30 अगस्त 2013 को शहर के खालापार स्थित शहीद चौक पर एक वर्ग की सभा हुई थी, जिसमें कई राजनेता भी शामिल हुए थे। जिले में दंगा भड़कने पर इस सभा का मुकदमा भी शहर कोतवाली में दर्ज किया गया था, जिसमें तत्कालीन बसपा सांसद कादिर राना, तत्कालीन चरथावल विधायक नूरसलीम राना, तत्कालीन मीरापुर विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी, पूर्व गृह राज्यमंत्री सईदुज्जमां, उनके बेटे सलमान सईद, एडवोकेट असद जमा, सुल्तान मुशीर, अहसान कुरैशी, नौशाद कुरैशी और मुशर्रफ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज हुआ था।
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इस मामले की सुनवाई यहां एडीजे-चार कोर्ट में चल रही है। इस मामले में मंगलवार को चार्ज बनना था, जिसके चलते इस मामले के पांच आरोपी पूर्व सांसद सईदुज्जमां, असद जमा, सुल्तान मुशीर, अहसान कुरैशी, मुशर्रफ कोर्ट में पेश हुए। पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूरसलीम राना, पूर्व विधायक मौलाना जमील, सलमान सईद, नौशाद कुरैशी गैरहाजिर रहे। उनके अधिवक्ता नकली सिंह त्यागी की ओर से हाजिरी माफी दाखिल की गई। न्यायालय ने इस मामले में सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश देते हुए आरोप तय करने के लिए 19 मार्च की तारीख नियत की है।
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