सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता के माध्यम से अनिल दुजाना और जोगेंद्र जुगाला ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर किया जाए।
अभियोजन पक्ष ने पुलिस अधीक्षक नगर की आख्या के माध्यम से अदालत में बताया कि आरोपियों की पेशी के लिए एक सीओ, दो निरीक्षक, चार उपनिरीक्षक, आठ मुख्य आरक्षी, बीस आरक्षी और छह महिला आरक्षी की आवश्यकता है। निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। अभियुक्तों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही कराए जाने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।