सूचना पर पुलिस, प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायज़ा लिया। फैक्टरी के अधिकारियों से पूछताछ की गई और गैस रिसाव के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और फैक्टरी को बंद कराने की मांग की। लोगों का कहना है कि इस फैक्टरी की वजह से क्षेत्र में लगातार त्वचा रोग और सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।