ये पुलिसकर्मी शामिल थे मुठभेड़ में
तीन फरवरी 2007 में रतनपुरी के रामपुर चौराहे पर हुई अमजद मुठभेड़ में तत्कालीन निरीक्षक एंटी एक्सटॉर्शन सेल इकबालुज्जमां खान, कांस्टेबल नसीम अहमद, कांस्टेबल अशोक कुमार, कांस्टेबल मीर हसन, तत्कालीन एसओ रतनपुरी डॉ प्रवीण कुमार, कांस्टेबल मैयादीन सिंह, कांस्टेबल ब्रजपाल, कांस्टेबल सोहनवीर, चालक कांस्टेबल जसबीर सिंह, तत्कालीन एसओ भौराकलां सुधीर पाल धामा, एचसीपी अमीर सिंह शामिल रहे थे। इस मुठभेड़ का मुकदमा डॉ. प्रवीण कुमार द्वारा रतनपुरी थाने पर दर्ज कराया गया था। डॉ प्रवीण कुमार की गत वर्ष मृत्यु हो चुकी है। निरीक्षक इकबालुज्जमां खान सीओ के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मीर हसन एसआई है, जो सहारनपुर जिले में तैनात है। अशोक कुमार को छोड़ कर बाकी पुलिस कर्मी अन्य जिलों में तैनात है।
मानवाधिकार आयोग ने भी एनकाउंटर को फर्जी बताया था
मानवाधिकार आयोग ने अपनी जांच में इस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था। आयोग की रिपोर्ट पर शासन ने पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद के एडीजीपी को पत्र लिखकर पीड़ित के परिजनों को पांच लाख रुपये की अंतरिम सहायता दिए जाने तथा सहायता की राशि दोषी पुलिसकर्मियों पर वसूली का दंड अधिरोपित करके उनसे वसूले जाने के आदेश दिए हैं। शासन के अनुपालन में डीएम की ओर से आठ माह पहले अप्रैल माह में मृतक अमजद की मां अख्तरी को पांच लाख रुपये की अंतिरम सहायता का चेक दिया गया था।
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