पटाखा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सचिन अग्रवाल के नेतृत्व में कारोबारी प्रदेश के राज्यमंत्री कौशल विकास कपिलदेव अग्रवाल के गांधीनगर स्थित आवास पर पहुंचे और करीब तीन घंटे तक बीच सड़क पर धरना दिया। जानकारी मिलने पर पहुंचे राज्यमंत्री को ज्ञापन देकर पटाखा कारोबारियों ने बताया कि जनपद में पटाखा कारोबारियों द्वारा करीब आठ करोड़ का माल मंगाया जा चुका है, जो काफी समय पहले ही शिवाकाशी इंडस्ट्री तमिलनाडु से बुक किया जाता है।
ऐसे में दिवाली से ऐन पहले पटाखों पर प्रतिबंध से पटाखा कारोबारी बर्बाद होने के कगार पर आ गए हैं। कारोबारियों ने प्रशासन से प्रदूषण रहित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दिए जाने की मांग की। इस पर राज्यमंत्री ने कारोबारियों की मदद किए जाने की संस्तुति कर पटाखा कारोबारियों को डीएम सेल्वा कुमारी जे के पास भेज दिया।
इसके बाद पटाखा कारोबारियों ने कलक्ट्रेट में डीएम से मिलकर उन्हें भी इस बाबत ज्ञापन सौंपा, जिन्होंने शासन के आदेेेश का हवाला देकर पटाखा कारोबारियों को लौटा दिया। इससे पहले दोपहर दो बजे जिला पंचायत सभागार में प्रशासन द्वारा पटाखा कारोबारियों की बैठक बुलाई गई, लेकिन बाद में अधिकारियों ने बैठक से किनारा कर लिया।
इन्होंने कहा
- एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश का पूर्णतया पालन कराया जाएगा। शासन से भी इस संबंध में 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने के आदेश दिए गए हैं। जिले में 30 नवंबर तक पटाखे न बेचे जाएंगे और न ही जलाए जाएंगे। ग्रीन पटाखों की बिक्री व इस्तेमाल भी प्रतिबंधित रहेगा।