मेरठ नगर निगम में बजट कार्यकारिणी की बैठक में एक बार फिर वंदेमातरम का मुद्दा छा गया। विपक्ष ने वंदेमातरम गायन के लिए दबाव न बनाने की बात कही और सदन में गायन के बाद प्रवेश किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर वंदेमातरम नहीं गाएंगे। वहीं महापौर ने कार्यकारिणी के दौरान वंदेमातरम के अपमान से इंकार किया है।
नगर निगम की कार्यकारिणी हो या फिर बोर्ड बैठक इनकी शुरुआत वंदेमातरम से की जाती है। पिछली बोर्ड बैठक में वंदेमातरम को लेकर भाजपा और सपा पार्षद आपस में भिड़ गए थे। भाजपाइयों ने फरमान जारी कर दिया था कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदेमातरम कहना होगा। यह मामला बड़े स्तर तक गूंजा था। सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी की बजट बैठक पर सभी की निगाहें लगी रहीं। कार्यकारिणी की बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन विपक्षी पार्षद शाहिद अब्बासी, आरिफ अंसारी, आदिल अंसारी का इंतजार 12:15 बजे तक होता रहा।
महापौर हरिकांत अहलुवालिया के आह्वान पर वंदेमातरम गाया। इस दौरान सदन के अंदर, पंकज कतीरा, रेनू गुप्ता, दिनेश कुमार, प्रियंका गुर्जर, राजू वर्मा, सुधीर पुंडीर, सोहनलाल, कैलाश चंद, गौरव नामदेव मौजूद रहे। विपक्षी पार्षद वंदेमातरम खत्म होने के बाद ही सदन में आए।