हापुड़ विस्फोट कांड के मद्देनजर वेस्ट के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को दिनभर एसएसपी के निर्देश पर बैंकों में चेकिंग हुई। एंटी रोमियो अभियान और वाहनों की संघन चेकिंग कराई गई। पुलिस सड़कों पर मुस्तैद नजर आई, लेकिन सिविल लाइन थाने के तीन दरोगा खर्राटे भरते नजर आए।
जिले भर की पुलिस सोमवार को अलर्ट पर रही। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ के निर्देश पर बैंक चेकिंग, एंटी रोमियो और वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। कड़ी धूप में चेकिंग करते पुलिसकर्मी पसीने से बदहाल हो रहे थे। लेकिन सिविल लाइन थाने के तीन दरोगाओं को इस अलर्ट से कोई मतलब नहीं था। यह तीनों दरोगा उस समय थाने में सो रहे थे, जब एसएसपी के निर्देश पर दोपहर ढाई से चार बजे तक जिले में सघन चेकिंग अभियान चल रहा था। थाने के एसएसआई मुंशी कार्यालय में पड़े बेड पर खर्राटे भर रहे थे।
यहां नहीं चलता एसएसपी का आदेश
दरोगा खर्राटे भरते नजर आए
उधर, दो दरोगा कुर्सी पर बैठकर अपनी नींद पूरी कर रहे थे। इससे वहां आने वाले फरियादी हैरान थे। एसएसपी का निर्देश सिविल लाइन थाने में नहीं चलता। बृहस्पतिवार एसएसपी ने सिविल लाइन थाने का निरीक्षण कर फरियादियों की शिकायत आगंतुक कक्ष में डेस्क ऑफिसर द्वारा सुनने के निर्देश दिए थे। अमर उजाला ने अगले दिन शुक्रवार को इस बाबत पड़ताल की तो आगंतुक कक्ष से डेस्क ऑफिसर गायब मिले।
दस युवकों से की पूछताछ
कुर्सी पर सोते नजर आए दरोगा
एंटी रोमियो अभियान में पुलिस ने कई क्षेत्र में करीब दस युवकों को पकड़कर पूछताछ की है। गर्ल्स कॉलेज के बाहर यह युवक खड़े मिले थे। पुलिस ने युवकों के परिजनों को थाने बुलाया और उन्हें उनकी सुपुर्दगी में दिया।
इसलिए लगाया था प्रतिबंध?
एसएसपी के निरीक्षण में फटकार लगने के बाद बौखलाए इंस्पेक्टर सिविल लाइन विजय कुमार ने मीडिया पर थाने में आने पर प्रतिबंध लगाया था। मीडिया ने इसकी शिकायत एसएसपी से की थी। सोमवार को यह नजारा देखकर लोगों में चर्चा रही कि पुलिस की नींद में खलल न पडे़ इसीलिए मीडिया पर प्रतिबंध लगाया गया है।