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सीएए के विरोध में प्रदर्शन, हिदायत दी- ‘अंग्रेजों की राह पर चलने की कोशिश न करे सरकार’

Sun, 19 Jan 2020 09:22 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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सीएए और एनपीआर के विरोध में प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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सीएए, एनपीआर और संभावित एनआरसी के विरोध में रविवार को फिर से ईदगाह मैदान में आवाज बुलंद की गई। धरना-प्रदर्शन में पुरुषों के साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली के छात्र-छात्राओं ने भी इसमें शिरकत कर विचार रखे। वक्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार को अंग्रेजों की राह पर न चलने की हिदायत दी।

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रविवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) के बैनर तले ईदगाह मैदान में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। दोपहर करीब दो बजे ईदगाह मैदान में पुरुषों-महिलाओं की भारी भीड़ जमा रही। महिलाएं नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में ईदगाह मैदान पहुंचीं। जमीयत के दीनी तालीमी बोर्ड के अध्यक्ष व आलिम-ए-दीन कारी मुफ्ती अफ्फान मंसूरपुरी ने ‘मैं ये किसके नाम लिखूं जो अलम गुजर रहे हैं, मेरे शहर जल रहे हैं, मेरे लोग मर रहे हैं’ शेर सुनाते हुए कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि हमें मारने वाले और निशाना बनाने वाले हमारे ही मुल्क के बाशिंदे हैं। आज मुल्क के हालात इतने खराब हैं कि किसान खुदकुशी कर रहे हैं, कारोबार ठप हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है और जीडीपी सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यह काले कानून सिर्फ मुस्लिमों के लिए नहीं, बल्कि हिंदू भाइयों के भी खिलाफ हैं। आने वाले दिनों में उनको भी इसका अहसास होगा। सरकार अंग्रेजों की राह पर चलने की कोशिश न करे। इतिहास गवाह है कि जब इनके आका अंग्रेजों के हिमायती थे तो हमारे बुजुर्ग अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे। 

जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली के छात्र नेता फवाद खान व साइमा एस. ने कहा कि नागरिकता हमारा हक है। मोदी या अमित शाह हमारा हक नहीं छीन सकते। यह भी हो सकता है कि यह कानून वापस न हो और लड़ाई लंबी लड़नी पड़े। सीएए का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई गलत है। जमीयत के प्रदेश सचिव जहीन अहमद, जामिया मिलिया के छात्र सआदत खान ने भी विचार रखे। धरने में जेएनयू के छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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सरकार विरोधी नारों से गूंजा ईदगाह का मैदान 

जामिया के छात्र नेता फवाद खान ने ‘वक्त आने पर बता देंगे तुझे ऐ आसमां, हम अभी से क्या बताएं, हमारे दिल में है क्या’ शेर सुनाते हुए छात्र एकता जिंदाबाद, बीजेपी पर हल्ला बोल और एबीवीपी पर हल्ला बोल जैसे नारे लगवाए। 

भारी फोर्स तैनात रहा 
धरना प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखाई दिया। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र, एसडीएम राकेश कुमार, सीओ चौब सिंह और इंस्पेक्टर यज्ञदत्त शर्मा पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर मौजूद रहे। 

सोमवार को देंगे गिरफ्तारी: हमीदी
आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने पर एक शिक्षण संस्था के चेयरमैन और मदरसा संचालक का पुतला फूंकने वाले छात्र नेता फैसल हमीदी ने जमीयत के मंच से पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया। फैसल ने कहा कि पुलिस ने देर रात उनके घर पर दबिश दी और जमीयत के कार्यक्रम में भाग लेने पर कार्रवाई की धमकी दी। फैसल हमीदी ने कहा कि कौम के गद्दारों को बेनकाब कर उन्होंने कोई गुनाह नहीं किया। पुलिस उनके साथ ऐसा व्यवहार कर रही है कि जैसे वह बहुत बड़े अपराधी हों और उन्होंने पुतला फूंककर बड़ा गुनाह किया है। हमीदी ने ऐलान किया कि सोमवार दोपहर वह साथियों के साथ ईदगाह मैदान से ही गिरफ्तारी देंगे।

जनता को सीएए पर एतराज तो संशोधन करे सरकार : अयूब
उद्यमी एवं पूर्व सभासद अयूब बेग ने कहा कि सीएए को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। सरकार विचार करे कि आखिर मुल्क की जनता विरोध क्यों कर रही है। सीएए को लेकर जनता को ऐतराज है, तो सरकार उसमें संशोधन करे।

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