सरूरपुर। सीएचसी सरूरपुर के चिकित्सकों की लापरवाही से डिलिवरी के बाद उपचार के अभाव में नवजात की मौत हो गई। वहीं, परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव पिठलोकर निवासी दिलशाद की पत्नी रोशन को सरूरपुर स्थित सीएचसी में तीन दिन पूर्व भर्ती कराया था। उसी दिन शाम के वक्त रोशन को सामान्य डिलिवरी हुई। 24 घंटे तक नवजात अस्पताल में रहने के बाद जच्चा-बच्चा को घर ले गए। वहां नवजात की तबीयत बिगड़ती चली गई। इसके बाद परिजन सरूरपुर सीएचसी लाए। यहां बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने की जानकारी देकर लौटा दिया। इसके बाद परिजन सरधना के चिकित्सक के पास ले गए। वहां चिकित्सक ने जन्म के बाद सेप्टिक होने जानकारी देकर इलाज करने से इनकार कर दिया। इस दौरान नवजात की हालत बिगड़ती गई और शनिवार सुबह उसकी सरधना के एक अस्पताल में मौत हो गई। इसे लेकर परिजनों का आरोप है कि डिलिवरी के तुरंत बाद ही सेप्टिक फैल गया था। नवजात को बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाना जरूरी था। सरूरपुर सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण उसकी जांच नहीं की जा सकी। इससे तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें नहीं बताया कि नवजात को सेप्टिक हो गया है। उधर, सीएचसी प्रभारी ओपी जायसवाल ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जानकारी दी।