पुलिस के अनुसार शव लोहियानगर के काजीपुर गांव निवासी अनुसूचित जाति के विजय की पत्नी माया का था। माया की हत्या की खबर सुनते ही पति और बच्चों में कोहराम मच गया। वह बिलखते रहे और कहते रहे कि आखिर ऐसा कौन दुश्मन है जिसने माया की जान ले ली।
पुलिस पूछताछ में परिजनों ने बताया कि सात दिसंबर की शाम को माया ने फोन पर कहा कि वह कंकरखेड़ा अपने मायके में ही रुक जाएगी। शाम को आखिरी बार बात होने के बाद माया का मोबाइल ऑफ हो गया था।
माया के मोबाइल कॉल ने पुलिस की छानबीन को आसान कर दिया। पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो पुलिस कातिल तक पहुंच गई। सर्विलांस में खुलासा हुआ कि माया की कंकरखेड़ा के लाला मोहम्मदपुर निवासी दीपक पुत्र रामकिशन से कई बार बात हुई थी। दीपक फलों का ठेला लगाता है। पुलिस ने कंकरखेड़ा से दीपक को हिरासत में ले लिया और पूछताछ की।
होटल में विवाद के बाद हत्या कर शव को लगाया ठिकाने
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि माया और उसके बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। आठ दिसंबर को वह और माया एकसाथ थे। दोनों ने मेरठ के कुटी चौराहे के निकट शराब पी और फिर शहर के रोहटा रोड स्थित एक होटल में पहुंचे। यहां भी दोनों ने शराब पी लेकिन इसी बीच दोनों में कहासुनी हो गई।
कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट हो गई। दीपक ने माया से मारपीट की तो वह बेहोश हो गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद वह उसे इको गाड़ी में लेकर हापुड़ रोड पहुंचा और फफूंडा कट के पास शव को फेंककर चला गया। बाद में मोबाइल भी फेंक दिया। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि हत्यारोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया है।
झूठ बोलकर घर से निकली थी माया
माया और दीपक के बीच विवाहेतर संबंध थे। परिजनों को इसकी भनक नहीं थी। बच्चों के अनुसार माया घर से बाजार जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन किसे पता था कि जो मां बच्चों में विश्वास के बीज बोती है वहीं उनके साथ विश्वासघात कर रही है। माया की एक बेटी शिवानी (24), बेटा कार्तिक (16) और रितिक (14) हैं।