17 दिसंबर को दोनों को तिहाड़ जेल दिल्ली से दिल्ली पुलिस की कस्टडी में सीजेएम कोर्ट बिजनौर में पेशी के लिए लाया गया था। कोर्ट में हाजी अहसान की दूसरी पत्नी रिजवाना के बेटे साहिल ने अपने साथियों अकराज व सुमित के साथ मिलकर पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर शाहनवाज की हत्या कर दी थी। जब्बार इस दौरान मौके से भाग निकला था। पुलिस जब्बार की तलाश में जुटी थी पर वह हाथ नहीं लगा।
जब्बार पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। इस घटना में कोर्ट मोहर्रिर मनीष के अलावा दिल्ली पुलिस का सिपाही संजीव भी गोली लगने से घायल हुआ था। स्योहारा पुलिस ने बगवाड़ा नहर पुल के पास से जब्बार को दबोच लिया। उसके पास से 315 बोर का एक तमंचा व दो कारतूस बरामद किए हैं।
जब्बार पर 12 मुकदमे दर्ज हैं। फरारी का मुकदमा भी शहर कोतवाली में दर्ज कराया गया था। एसपी ने जब्बार को दबोचने वाले एसओ स्योहारा उदयप्रताप सिंह, दरोगा अनिल राणा, सिपाही तेजपाल सिंह, सचिन कुमार व मनोज को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। यह इनाम जब्बार पर घोषित था।