मेरठ। भाजपा के राज्यसभा सदस्य डाॅ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सोमवार को संसद में बैंककर्मियों द्वारा किए जा रहे फ्रॉड के बढ़ते मामले उठाए और बैंकिंग सिस्टम को मजबूत करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि हम साइबर फ्रॉड के गोल्डन पीरियड में जी रहे हैं। अभी तक हम साइबर फ्रॉड्स से पीड़ित थे।
हाल के दिनों में बैंक में जमा पैसों के गायब होने के मामले सामने आ रहे हैं। अधिकांश मामलों में बैंककर्मी ही लिप्त हैं और उनके द्वारा ही धोखाधड़ी करने की बात सामने आ रही है। हाल में ही राजस्थान के कोटा स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा में एक महिला कर्मचारी ने शेयर बाजार में मुनाफे के लालच में बैंक में बड़ा फर्जीवाड़ा किया। इस कर्मचारी ने 2020 से 2023 के बीच 41 बुजुर्ग ग्राहकों के 110 खातों से अवैध रूप से 4.58 करोड़ रुपये की निकासी की।
ग्राहकों की बिना अनुमति एफडी तोड़ी, ओवरड्राफ्ट सुविधा चालू की और धनराशि को शेयर बाजार में निवेश करके गंवा दिया। लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि दूसरे मामले में हनुमानगढ़ जिले में आईसीआईसीआई बैंक भादरा शाखा में तैनात कर्मचारी ने बैंक में जमा ग्राहकों के सोने के जेवर चुराकर नकली सोना जमा कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 54 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपी ने यह रकम अपने साथियों के साथ मिलकर क्रिकेट सट्टे में उड़ा दी। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक को बैंकिंग सिस्टम की इन खामियों को दूर करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। फ्रॉड को रोकने के लिए बैंकों को अपने निगरानी तंत्र मजबूत करना चाहिए। संवाद