मेरठ। अंधाधुंध बिजली कटौती से गुस्साए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी रविवार को अपने समर्थकों के साथ मोहनपुरी बिजली उपकेंद्र पहुंच गए। उन्होंने मुख्य अभियंता वितरण मेरठ-1 रजनीकांत मिश्र को भी बुला लिया। सांसद ने कहा कि कलेक्टर, कप्तान और कमिश्नर की कोठी की लाइट जलेगी और उन्हें तनख्वाह देने वाली जनता के घर की लाइट बंद रहेगी, इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। एसएसओ फोन पर पार्षद से भी बात करने से मना कर देते हैं। इस पर मुख्य अभियंता ने अभियंताओं को आगाह किया कि वह फोन पर सभी से सम्मानपूर्वक व्यवहार करें।
मोहनपुरी में बिजली की अंधाधुंध कटौती से नाराज सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उपकेंद्र के कर्मचारियों से बिजली न आने की वजह पूछी। सांसद के आने की सूचना पर मुख्य अभियंता मेरठ-1 रजनीकांत मिश्र, अधिशासी अभियंता नॉर्थ प्रशांत सोनी, 33 केवीए के एसडीओ अमित मिश्र भी पहुंच गए। सांसद ने अभियंताओं से पूछा कि मोहनपुरी, गंगानगर की लाइन खराब रहती है तो पुलिस लाइन व अधिकारियों की कोठी की लाइट कैसे ठीक रहती है। सांसद ने बताया कि एक सप्ताह पहले एक कार्यकर्ता ने वार्ड 47 के पार्षद कुलदीप वाल्मीकि का हवाला देकर बिजलीघर के एसएसओ को फोन किया तो उन्होंने कह दिया कि किसी पार्षद से बात नहीं करूंगा। इस तरह का व्यवहार सहन नहीं होगा। सांसद ने कहा कि मोहनपुरी उपकेंद्र से पिछले 15 दिन में औसत छह घंटे बिजली जाने का रिकॉर्ड है।
समस्या के लिए विद्युत विभाग स्वयं जिम्मेदार
सांसद ने कहा कि मेंटेनेंस करके सिस्टम को मजबूत क्यों नहीं किया गया। बिजली की इस दशा के लिए विद्युत विभाग जिम्मेदार है। अव्यावहारिक कार्य विभाजन इस समस्या का कारण है। 11 केवीए के जेई तीन बिजलीघर देखते हैं। एसडीओ सदर में बैठकर सात बिजलीघर देखते हैं। 33 केवीए का जेई आठ बिजलीघर देखते हैं। एसडीओ 21 बिजलीघर देखते हैं। इस अवसर पर पार्षद संदीप गोयल रेवड़ी, विकास मित्तल, आकाश धवन आदि उपस्थित रहे।
पेड़ों की छंटाई करके विद्युत फाल्ट रोकें
मुख्य अभियंता रजनीकांत मिश्र ने गंगानगर से लेकर मोहनपुरी, बेगमपुल से शास्त्रीनगर तक सभी पेड़ों की छंटाई करके लाइन के नीचे करने के निर्देश दिए। फोन पर डीएफओ ने भी एनओसी देने की बात कह दी और अपना कर्मचारी भी भेजने को कहा। गंगानगर से मोहनपुरी की लाइन बंद होने पर उसे मेडिकल लाइन से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
बिजली कटौती से बिलबिलाए लोग
शहर में अंधाधुंध बिजली कटौती से रविवार को लोग बिलबिला गए। बिजलीबंबा बाईपास स्थित सुपरटेक पामग्रीन, देवलोक, मेजर ध्यानचंद नगर, सूर्य पैलेस आदि कॉलोनियों में दिन में छह से आठ घंटे तक बिजली कटौती हुई। इसी तरह खैरनगर बाजार, टीपीनगर, माधवपुरम, मोहकमपुर, शताब्दीनगर, घंटाघर, बुढ़ाना गेट, कंकरखेड़ा, गंगानगर, जागृति विहार, शास्त्रीनगर, जेलचुंगी क्षेत्र आदि में भी अघोषित बिजली कटौती हुई। बिजली नहीं होने से लोगों को पीने और नहाने के लिए पानी की समस्या हुई। बिजलीघरों पर कॉल करने पर विद्युत अधिकारियों के फोन नहीं उठे। बुढ़ाना गेट निवासी शरद कुमार का कहना है कि बिजली नहीं होने से गर्मी में लोग बिलबिला उठे। देवलोक निवासी राकेश कुमार का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक लगभग आठ घंटे बिजली नहीं होने से लोग बुरी तरह से परेशान रहे। विद्युत अधिकारी फोन नहीं उठाते। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई है।