मोरना (मुजफ्फरनगर) हनुमतधाम के संचालक महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज (80) रविवार रात करीब दो बजे ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने मुजफ्फरनगर के आरोग्यम हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ हनुमतधाम प्रांगण में उन्हें भू-समाधि दी गई। महामंडलेश्वर को दो दिन पूर्व बुखार की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को शुकतीर्थ लाया गया। अंतिम दर्शन को श्रद्धालु, भक्त और अनुयायी शुकतीर्थ पहुंचने लगे। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज, राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल और प्राची आर्या ने भावपूर्ण स्मरण कर उन्हें पुष्पांजलि दी।
दोपहर तीन बजे बैंड बाजे, घंटे घड़ियाल और शंखनाद के साथ रथ पर महामंडलेश्वर की अंतिम यात्रा निकाली गई। यात्रा गणेश धाम, दंडी आश्रम, श्री शुकदेव आश्रम, अंबेडकर चौक, गंगा घाट और नक्षत्र वाटिका से होते हुए वापस पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव का जय घोष किया। हनुमतधाम में आनंद स्वरूप सरस्वती एवं स्वामी विज्ञानंद महाराज ने गुरुदेव को भू समाधि देकर अंतिम विदाई दी। श्रद्धालु महिलाओं की आंखें नम हो गई। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद हरिद्वार के अध्यक्ष स्वामी रविंद्र पुरी, प्रभाकर गिरी, वृंदावन से स्वामी भैया जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी विनय स्वरूपानन्द महाराज, स्वामी भरत देव महाराज, महामंडलेश्वर गोपाल दास महाराज, गीता मनीषी महाराज, स्वामी गीतानन्द गिरी, श्री राम आश्रम के स्वामी धुव्रानन्द महाराज, गणेश धाम के सुखबीर तायल ने समाधि पर मिट्टी और पुष्प अर्पित किए।
पूर्व मंत्री संजय गर्ग, उत्तराखंड के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल भी मौजूद रहे। उधर, हनुमतधाम में मंदिर के कपाट बंद रखे गए। श्रीरामचरित मानस प्रसाद मंडली के राजकुमार, प्रेम प्रकाश, सुधीर चौधरी, राजीव आदि ने सुंदर पाठ किया।
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तीर्थ के साधु और महात्माओं ने दी श्रद्धाजंलि
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भू समाधि के दौरान दंडी आश्रम से जनार्दन स्वरुप ब्रह्मचारी एवं प्रबंधक मनोहर लाल शर्मा, श्री शुकदेव आश्रम ट्रस्टी ओमदत्त देव, कथा व्यास सुमन कृष्ण शास्त्री, संत समन दास आश्रम के प्रबंधक स्वामी गोरधन दास महाराज, शनिधाम से सच्चिदानन्द महाराज, आचार्य तिलकधारी विष्णु महाराज, मानव चेतना केंद्र के स्वामी ब्रह्म स्वरूपानन्द महाराज, गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य इन्द्रपाल, सोहनवीर सिंह ने पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धाजंलि अर्पित की।
ट्रस्ट अध्यक्ष आर के टंडन ने कहा कि स्वामी केशवानंद महाराज की भक्ति और परोपकार भावना प्रेरणादायक रहेगी।
ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के संवाहक : ओमानंद
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भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि महामंडलेश्वर ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के संवाहक संत थे। उन्होंने समर्पण भाव से परिश्रम एवं पुरुषार्थ कर हनुमतधाम का भव्य निर्माण कराकर देश में तीर्थ का महत्व बढ़ाया।
समाज को समर्पित रहा संत का जीवन : अग्रवाल
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कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि संत का समूचा जीवन धर्म, भक्ति, साधना और समाज सेवा को समर्पित रहा। वह न केवल आध्यात्मिक चेतना के अग्रदूत थे, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा सोत्र एवं मार्गदर्शक भी रहे। उनका विछोह समाज और सनातन परंपरा के लिए अपूरणीय क्षति है।