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Meerut News: गंगनहर पटरी पर सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत, भतीजा गंभीर

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- अटेरना-कपसाड़ के बीच हादसा, गाय खरीदने के लिए बड़ौत जा रहे थे चाचा-भतीजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। गंगनहर पटरी पर अटेरना और कपसाड़ के बीच मंगलवार को सड़क हादसे में बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों बड़ौत में गाय खरीदने के लिए जा रहे थे। अज्ञात वाहन की टक्कर से हुए हादसे के बाद मौके पर पहुंचे राहगीरों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने चाचा को मृत घोषित कर दिया, जबकि भतीजे को मेरठ रेफर कर दिया गया।
दौराला थाना क्षेत्र के दादरी गांव निवासी मनोज (37) पुत्र मदन मंगलवार को अपने भतीजे प्रशांत पुत्र सोमेश के साथ बाइक से बड़ौत जा रहे थे। दोनों कांवड़ मार्ग स्थित गंगनहर पटरी से गुजर रहे थे। अटेरना और कपसाड़ के बीच पहुंचने पर किसी वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने दोनों को सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मनोज को मृत घोषित कर दिया। प्रशांत की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मनोज के परिजनों को हादसे की जानकारी दी। परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशांत को मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद टक्कर मारने वाले वाहन का पता नहीं चल सका। सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सीसीटीवी कैमरों वाहन की तलाश में लगी है।
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रेफर के बाद आधे घंटे नहीं मिली एंबुलेंस, स्ट्रेचर भी तलाशते रहे परिजन
सरधना। हादसे में घायल प्रशांत को सीएचसी से गंभीर हालत में मेरठ रेफर किए जाने के बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था की अव्यवस्था सामने आई। परिजनों के अनुसार, रेफर किए जाने के बाद उन्होंने घायल को मेरठ ले जाने के लिए करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार किया, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद परिजनों ने अपनी कार से ही घायल को निजी अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया।
परिजन जब घायल प्रशांत को सीएचसी से कार तक ले जाने लगे तो उन्होंने घायल को सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए स्ट्रेचर की मांग की। आरोप है कि उस समय सीएचसी में स्ट्रेचर भी उपलब्ध नहीं हो सका। इससे परिजनों को घायल को कार तक ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करने और स्ट्रेचर नहीं मिलने के बाद परिजन घायल को अपनी कार से ही मेरठ के निजी अस्पताल लेकर गए।
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परिजनों का कहना है कि हादसे में घायल व्यक्ति की हालत गंभीर थी और ऐसे में तत्काल एंबुलेंस की जरूरत थी। इसके बावजूद समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से उन्हें मजबूरी में निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा। इस मामले ने सीएचसी की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. संदीप गौतम का कहना है कि मामले की जानकारी कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।
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