कूड़े के ढेर में भ्रूण मिलने से हंड़कंप
कूड़े के ढेर में भ्रूण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। आनन-फानन में डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने कस्बे में ताबड़तोड़ छापेमारी कर महिला चिकित्सकों की जांच-पड़ताल की। महिला चिकित्सक क्लीनिक बंद कर चंपत हो गई। टीम ने दो क्लीनिकों पर सील लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। इसके अलावा भी कई मेडिकल स्टोर के बारे में टीम ने जांच की।
पुरकाजी क्षेत्र में भ्रूण मिलने की खबर पर स्वास्थ्य विभाग ने टीम बनाकर जांच-पड़ताल कराई। डिप्टी सीएमओ डॉ वीके ओझा के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। टीम ने सबसे पहले जहां भ्रूण मिले, वहां जांच-पड़ताल की। भ्रूणों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनमें दो भ्रूण करीब पांच से छह माह के हैं। टीम ने सबसे पहले कस्बे में डॉक्टर संध्या के क्लीनिक पर छापा मारा, लेकिन यहां ताला बंद मिला। इसके बाद डॉक्टर शायना परवीन के कसफ क्लीनिक की जांच की गई तो वह भी गायब मिलीं। डिप्टी सीएमओ ने तत्काल दोनों के क्लीनिक को सील कर दिया। इसके अलावा डॉ. बबीता चौधरी के क्लीनिक की जांच-पड़ताल की गई। यहां कोई चिकित्सकीय उपकरण नहीं मिले, जबकि डॉ. सोनिया के भी कागजात चेक किए गए, जो सही पाए गए। चिकित्सकीय दल की ओर से बंद मिले क्लीनिक की दोनों महिला चिकित्सकों के विरुद्ध पुरकाजी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। डिप्टी सीएमओ डॉ. वीके ओझा ने बताया कि भ्रूण मिलने की घटना को लेकर कार्रवाई की गई है। कस्बे में स्थानीय चिकित्सकों की एक टीम बना दी गई है, जो छापेमारी कर जांच-पड़ताल करेगी। उधर, कस्बे में मेडिकल स्टोरों की भी जांच की जाएगी। फर्जी या प्रतिबंधित दवाईयां बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर स्टोरों को सील किया जाएगा।