पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से रिश्तों को दर्द और जुदाई मिल रही है। पाकिस्तान में बच्चों ने खाना नहीं खाया और सरधना में मां सना का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सना ने कहा कि बच्चों के बिना कैसे जिंदा रह सकती हूं। बार-बार फोन पर पति बिलाल और बच्चों से बात कर वह बिलख रही है।
सरधना के मोहल्ला घोसियान निवासी सना बच्चों के पाकिस्तान जाने के बाद से गमगीन है। जिगर के टुकड़ों को सरहद पर छोड़ने के बाद से वह परेशान है। उसने कहा कि मेरे पति और मासूम बच्चे इंतजार कर रहे हैं। मेरी बस इतनी गुजारिश है कि मुझे मेरे बच्चों के पास जाने दिया जाए। बच्चों के याद में सना भूखी प्यासी रही।
परिजनों ने बताया कि छह माह की बेटी माही ने भी वहां मां से जुदा होने बाद पूरे दिन दूध नहीं पिया है। सना का कहना कि दोनों देशों में तनाव के बीच मां की ममता बेबस हो गई है। सना बार-बार कह रही है कि मुझे बच्चों से जुदा मत करो।
दोनों मुल्कों में अमन-चैन की दुआ कर रहे परिजन
मोहल्ला घोसियान निवासी सना की शादी पांच साल पहले पाकिस्तान के कराची निवासी उसकी बुआ इद्दो के बेटे बिलाल के साथ हुई थी। शादी के बाद सना 2022 में पहले 40 दिन के वीजा पर भारत आई थी। इसके बाद वह 14 अप्रैल 2025 को मायके में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आई थी।
इस बार वह तीन साल का बेटा मुस्तफा व छह माह की बेटी माही के साथ आई थी। सना के पति परिवार को लेने अटारी बॉर्डर पहुंचे थे। इसी दौरान भारतीय पासपोर्ट धारक होने की वजह से अधिकारियों ने सना को जाने से रोक दिया। लेकिन उनके बच्चों के पास पाकिस्तानी पासपोर्ट था, इसके चलते उसे अपने बच्चों से दूर होना पड़ा।