Iमेरठ। कमिश्नरी कार्यालय के गेट पर मंगलवार को प्रीत विहार निवासी विक्रम ने अपनी मां शकुंतला के साथ पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। सिविल लाइन थाने के पुलिसकर्मियों ने उनसे ज्वलनशील पदार्थ की बोतल छीनकर उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। प्रीत विहार काॅलोनी में भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए हाईटगेज लगाने की मांग पूरी न होने पर उन्होंने यह कदम उठाया। I
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Iप्रीत विहार निवासी विक्रम की भतीजी कनिष्का (डेढ़ साल) की तीन अगस्त 2024 को काॅलोनी में कार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। विक्रम निजी कंपनी में नौकरी करते हैं । वह हादसे के बाद से नगर निगम में प्रार्थना पत्र देकर भारी वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए हाईटगेज लगाने की मांग कर रहे हैं मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। I
Iइससे क्षुब्ध विक्रम मां शकुंतला के साथ सुबह करीब सवा 11 बजे कमिश्नरी कार्यालय के गेट पर पहुंचे और पेट्रोल डालकर माचिस निकाल आग लगाने की कोशिश की। आत्मदाह का प्रयास होता देख कमिश्नरी कार्यालय से कुछ दूरी पर खड़ी पिकेट और सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची और पेट्रोल की बोतल छीन ली। विक्रम ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों पर व्यापारियों से मिलीभगत का आरोप लगाकर हाईटगेज नहीं लगाने की बात कही। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस पहले उन्हें सिविल लाइंस थाने ले गई। बाद में उन्हें नौचंदी थाने ले जाया गया जहां से उन्हें छोड़ दिया गया। I
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नगर निगम से टीम से भिड़े व्यापारी
Iघटना के बाद नगर निगम टीम हरकत में आ गई। वह दोपहर को प्रीत विहार पहुंची और हाईटगेज लगाने लगी। इसका व्यापारियों ने विरोध कर दिया। उन्होंने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी दुकान की चाबियां तक दे दीं। व्यापारियों का कहना था कि विक्रम की भतीजी के साथ जो दुर्घटना हुई वह दर्दनाक है लेकिन वह कार से हुई थी। भारी वाहन से कोई घटना नहीं हुई है। व्यापारियों के विरोध के बीच फिलहाल हाईटगेज नहीं लग सका है। उन्होंने हाईटगेट के विरोध में नगर निगम जाकर नगरायुक्त को ज्ञापन भी दिया। व्यापारियों ने महापौर का घेराव करने की भी बात कही है।I
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Iबोले नगरायुक्त I
Iनगरायुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि नगर निगम की टीम कई बार हाईटगेट लगवाने के लिए जा चुकी है। स्थानीय लोग और व्यापारी विरोध कर देते हैं इसलिए हाईटगेट नहीं लग सका है। I