दरोगा शहीद, चार बदमाश मारे
दो जुलाई को मुजफ्फरनगर में बदमाशों ने अपने साथी रोहित उर्फ सांडू को पुलिस कस्टडी से छुड़ाया। 16 जुलाई को सांडू व उसके साथी राकेश यादव को मुजफ्फरनगर पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया। उसी दिन मेरठ पुलिस ने सांडू के दो साथियों अमित उर्फ शेरू और रविंद्र उर्फ कालिया को दौराला में मुठभेड़ में मार गिराया।
दिनदहाडे़ लूट, दो बदमाश ढेर
आठ जुलाई को कंपनी बाग के सामने बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट से 9.90 लाख रुपये लूटे। पल्लवपुरम के एक फ्लैट में 11 जुलाई को पुलिस ने एक लाख के इनामी शकील और 25 हजारी भूरा को ढेर कर दिया।
लुटेरे को ढेर किया
दौराला, कंकरखेड़ा समेत कई थानाक्षेत्रों में लगातार लूटपाट पर बदमाश जुबैर निवासी लिसाड़ीगेट पर पुलिस अधिकारी इनाम बढ़ रहे थे और वह वारदात कर रहा था। पांच जुलाई को जुबैर को दौराला पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।
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बदमाशों को मुंह तोड़ जवाब
25 जनवरी को परतापुर के सोहरका गांव में नरेंद्र सांगवान की हत्या के चश्मदीद गवाह भोलू उर्फ बलविंदर व उसकी मां निछत्तर कौर की हत्या हुई थी। पुलिस ने 10 दिन बाद विकास जाट को मुठभेड़ में मार गिराया।
चेकिंग तो कहीं मुखबिर तंत्र एक्टिव
मेरठ पुलिस ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान चलाया। थोड़ी से ढील होते ही लखनऊ से पुलिस कप्तानों की क्लास लगती थी। उसके बाद कप्तान फिर से क्राइम ब्रांच, एसटीएफ, थाना पुलिस को सक्रिय करते थे। पुलिस चेकिंग में तो कहीं मुखबिर तंत्र के सहारे बदमाशों तक पहुंची। मुठभेड़ कर बदमाशों को सीधा जवाब दिया।
मुठभेड़ में घायल बदमाश
- फोटो : अमर उजाला
एलानिया हत्या करने वाला ढेर
तीन फरवरी 2018 को हसनपुर रजापुर गांव सरूरपुर में सावित्री की गवाही से पहले ही एलानिया हत्या हुई। सावित्री बेटे चेतन की हत्या में चश्मदीद थी। पुलिस मुठभेड़ में आठ दिन बाद आरोपी सुजीत जाट मारा गया।
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दुल्हन की हत्या में बदमाश मारे
एनएच-58 पर दुल्हन महविश की लूट के दौरान 27 अप्रैल को बदमाशों ने हत्या कर दी थी। इस मामले में मेरठ पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु सिंघल उर्फ टाइगर और धीरज चौधरी को एनकाउंटर में ढेर किया। 27 नवंबर को मुठभेड़ में गोतस्कर इरशाद को पुलिस ने ठिकाने लगा दिया।
कई नए बदमाश हुए सक्रिय
पुलिस का दावा है कि 2018-19 में अधिकांश शातिर अपराधी मारे गए या फिर जेल में बंद हैं। बदमाश सुशील मूंछ, भूपेंद्र बाफर, योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह, सुनील राठी समेत अन्य जेल में बंद है। पुलिस ने जेल में उनको रोकने के लिए कानूनी हथकंडे अजमाए। कई अपराधियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की। बदमाशों में भी एनकाउंटर का इतना खौफ है कि वह खुद भी जमानत नहीं लेना चाहते। जबकि अपराध लगातार होता जा रहा है। पुलिस की जांच में नए गैंग उभर कर आए हैं।