मेरठ। मोहर्रम की तीसरी तारीख को शहर सहित जै़दी फार्म, लोहिया नगर में हजरत इमाम हुसैन और शौहदाये कर्बला की याद में इमामबारगाहों और अजाखानों में मजलिसें हुईं और जुलूसों का सिलसिला जारी रहा।
इमामबारगाह जाहिदियान से रात 8 बजे 63वां जुलूस अलम-ए-मुबारक और करबला ईराक से आया परचम हजरत-ए-अब्बास या हुसैन या अब्बास की सदाओं के बीच गमगीन माहौल में हाजी शमशाद अली जै़दी, युसूफ अली जै़दी के प्रबंध में बरामद हुआ। इससे पूर्व सुहेल अस़गर ने सौजख्वानी की और मौलाना मरहुब आलम ने मजलिस में हजरत अब्बास की शुजाअत और शहादत बयां की।
जुलूस में तन्जीम-ए-अब्बास के सफदर अली, तालिब अली, काशिफ जै़दी ने अंजुमन दस्तये हुसैनी के पुरसौज नौहे पढ़े। मगरिब की नमाज का समय होने पर शिया शाही मस्जिद में नमाज अदा की गई। इसके बाद जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पैठ बाजार, बुढ़ाना गेट चैकी, सुभाष बाजार चैक से गुजरता हुआ हसन अली जै़दी मरहूम के अज़ाखाने जाहिदियान पहुंच कर संपन्न हुआ।
हाजी जैगम अब्बास, हाजी अन्जुम जैदी, अली हैदर रिजवी, सुल्तान हैदर, अजहर अब्बास, हैदर हसन, राहत अली, नियाज हुसैन गुड्डू, तालिब अली, हैदर अली चांद, हैदर अब्बास रिजवी जुलूस की व्यवस्था संभाले हुए थे। वहीं, जै़दी फार्म में भी शाहिद हुसैन के अजाखाने से अलम-ए-मुबारक का जुलूस 4 बजे बरामद होकर दरबारे हुसैनी पुरानी कोठी पहुंचा, जुलूस में फाजिल हुसैन, राजा मन्नू, जावेद रजा, शाहनवाज हुसैन आदि ने नौहेख्वानी की। जुलूस में बड़ी संख्या में हुसैनी सौगवार शामिल थे।
मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिजवी ने बताया कि कल 4 मोहर्रम 30 जून को जै़दी फार्म से 4 बजे और डॉ. सैय्यद इकबाल हुसैन सफवी (मरहूम) के अजाखाने स्थित हुसैनाबाद पूर्वा फैयाज़ अली से रात 8 बजे अलम-ए-मुबारक का कदीमी जुलूस अल्हाज सैय्यद शाह अब्बास सफवी के प्रबंध में बरामद होगा, जिसमें शहर की सभी मातमी अंजुमने शामिल होकर मातम व नौहेख्वानी करेेंगी।
झूठ के सामने अपना सिर नहीं झुकाया : मौलाना
मेरठ। इमामबारगाह छोटी कर्बला में अशरे को खिताब कर रहे मौलाना सैयद अब्बास बाकरी ने कहा कि पवित्र पैगंबर (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) हर युग में पूरी दुनिया के लिए आदर्श रहे हैं। पैगंबर की इसी सुन्नत पर चलते हुए शहीदों के सरदार इमाम हुसैन ने इस्लाम की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन कभी झूठ के सामने अपना सिर नहीं झुकाया। मजलिस में मौलाना ने कर्बला में प्रवेश के बाद इमाम हुसैन द्वारा नहर के किनारे खेमें लगाने और यजीद की सेना के विरोध के बाद नहर के किनारे से खेमें हटा दिए जाने की घटनाओं को बयान किया। इमाम हुसैन पर किए जुल्म को सुनकर मातम करने वाले लोग फूट-फूट कर रो पड़े। मोहर्रम कमेटी महिला विंग की प्रभारी डॉ. इफ्फत जकिया ने बताया कि कल मजलिस के बाद देहली गेट थाना स्थित अजाखाना डॉ. इकबाल हुसैन से जुलूस निकलेगा और इमामबारगाह छोटी कर्बला पहुंच कर समाप्त होगा।