समय निकलने के बाद आई रालोद की आपत्ति
उधर रालोद प्रत्याशी सुनील रोहटा ने भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र भारद्वाज के नामांकन पर आपत्ति जताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी के. बालाजी को शिकायती पत्र सौंपा। शिकायती पत्र में कहा गया कि धर्मेंद्र भारद्वाज ने अपने नामांकन पत्र में अपना धर्म हिंदू दिखाया है जबकि उन्होंने जैन धर्म अपनाया हुआ है। भारद्वाज ने धर्म बदलकर अपने को अल्पसंख्यक दर्शाकर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से अपनी शैक्षणिक सोसायटी के लिए अल्पसंख्यक संस्था का प्रमाणपत्र हासिल किया हुआ है।
इस प्रमाणपत्र से ही पोहली स्थित महावीर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का संचालन कर रहे हैं। नामांकन में तथ्य छिपाने के चलते इनका नामांकन खारिज किया जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी के. बालाजी ने शिकायती पत्र तो ले लिया, लेकिन आपत्ति दर्ज करने का समय निकल जाने के चलते इसे जांच में शामिल नहीं किया। भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र भारद्वाज ने सुनील रोहटा के आरोपो को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनकी सोसायटी में 70 फीसदी सदस्य जैन धर्म से हैं और जिस सोसायटी या ट्रस्ट में 60 से 70 फीसदी सदस्य अल्पसंख्यक होते हैं तो वह अल्पसंख्यक में दर्ज हो जाती है। उन्होंने कोई जानकारी नहीं छिपाई है।
20 पोलिंग पार्टियां कराएंगी 17 बूथों पर चुनाव
जिले में नौ अप्रैल को 17 बूथों पर बैलेट पेपर से होने वाले मेरठ-गाजियाबाद स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाईं जा रही है। मेरठ में 17 बूथों पर ग्राम प्रधान, पार्षद, सांसद, विधायक आदि जनप्रतिनिधि मतदान करेंगे। 20 पोलिंग पार्टियों को बनाया गया है। तीन पोलिंग पार्टियां रिजर्व में रहेंगी। सीडीओ शशांक चौधरी ने बताया कि अगले सप्ताह से कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विधान परिषद चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त
विधान परिषद चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 35 प्रेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। मेरठ गाजियाबाद के स्थानीय प्राधिकारी आईएएस अनिल कुमार तृतीय को नियुक्त किया गया है। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने सभी जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष को पत्र भेजा है, जिसमें प्रेक्षक से शिकायत करने की बात कही है।
आम मतदाताओं के बाद अब प्रतिनिधियों की बारी
विधानसभा चुनाव में जहां मेरठ, बागपत, हापुड़ और गाजियाबाद जिले में जनता ने भाजपा को जीत दिलाई वहीं, मेरठ-गाजियाबाद एमएलसी चुनाव में जीत की चाभी प्रतिनिधियों के हाथ में हैं। एकतरफ जहां भाजपा के सारे सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर-चेयरमैन और ब्लॉक प्रमुख चुनाव में जुट गए हैं वहीं, सपा-रालोद गठबंधन ने भी पूरी ताकत झोंक दी है।
मेरठ-गाजियाबाद एमएलसी चुनाव के अंतर्गत चार जिले आते हैं। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, बागपत और हापुड़ शामिल हैं। इन जिलों में विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन की बात करें तो 18 में से 13 सीटें भाजपा के पास हैं। जबकि पांच सीटें सपा-रालोद गठबंधन ने जीती हैं। जिलेवार बात करें तो मेरठ में सात विधानसभा सीट में से भाजपा ने तीन पर और सपा-रालोद गठबंधन ने चार पर जीत हासिल की। सभी सीटों पर मिले वोट की बात करें तो भाजपा को 681738 व सपा-रालोद गठबंधन को 583495 वोट मिले।
गाजियाबाद की पांचों विधानसभा सीट भाजपा के पास हैं। यहां पर भाजपा को 883136 एवं सपा-रालोद गठबंधन को 422374 वोट मिले। हापुड़ की तीनों विधानसभा सीट पर भाजपा जीती है। यहां भाजपा को 327003 वोट मिले वहीं, सपा-रालोद गठबंधन को 281035 वोट मिले। बागपत की तीन में से दो सीटें भाजपा और एक रालोद के पास है। यहां वोट सपा-रालोद गठबंधन को ज्यादा मिले हैं। भाजपा को यहां 274723 तो सपा-रालोद गठबंधन को 297183 वोट मिले।
प्रतिनिधियों पर है जीत की जिम्मेदारी
एमएलसी चुनाव में सिर्फ सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, मेयर, चेेयरमैन, ब्लॉक प्रमुख, पार्षद, बीडीसी सदस्य एवं ग्राम प्रधान वोट डालते हैं। मेरठ-गाजियाबाद एमएलसी चुनाव में इनकी 4250 वोट हैं। ऐसे में भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन के सभी नेता चुनाव में जुट गए हैं। हर पदाधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। भाजपा के तीन सांसद, 13 विधायक, तीन जिला पंचायत अध्यक्ष समेत सारे मेयर-चेयरमैन, ब्लॉक प्रमुखों को जिम्मेदारी दी गई है। सपा-रालोद गठबंधन से इन चार जिलों में एक जिला पंचायत अध्यक्ष, पांच विधायक, एक मेयर समेत कई ब्लॉक प्रमुख, चेयरमैन हैं। इन सभी को चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आठ वर्ष में चार गुना बढ़ी धर्मेंद्र की चल संपत्ति
भाजपा से मेरठ-गाजियाबाद स्थानीय निकाय के प्रत्याशी धर्मेंद्र भारद्वाज की संपत्ति में आठ वर्ष में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 में एमएलसी स्नातक सीट के लिए बीएसपी से नामांकन में दिए गए शपथ पत्र में उनकी चल संपत्ति मात्र 11 लाख 70 हजार और पत्नी प्रियंका की चल संपत्ति मात्र नौ लाख 30 हजार रुपये की थी। अब वर्ष 2022 के शपथ पत्र में उन्होंने चल संपत्ति 45 लाख 67 हजार 628 और पत्नी की 23 लाख 13 हजार 378 है। वहीं, आभूषणों में भी अब उनके पास 200 ग्राम सोने और पत्नी के पास 400 ग्राम सोना, 500 ग्राम चांदी है।
धर्मेंद्र भारद्वाज एमएससी और बीएड हैं। वर्ष 2014 में शपथ पत्र में उन्होंनें कोई भी ऋण नहीं दिखाया। वहीं, इस बार उन्होंने अपने ऊपर दो करोड़ 60 लाख 13 हजार रुपये और पत्नी के ऊपर दो करोड़ 34 लाख 26 हजार 925 रुपये का ऋण दिखाया है। आयकरदाता के रुप में भी दोगुने की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014 के शपथ पत्र में वर्ष 2012-13 में आयकरदाता के रुप में उन्होंने 15 लाख रुपये और वर्ष 2020-21 में 31 लाख 77 हजार 748 रुपये दिखाए हैं।