सूत्रों की मानें तो सहारनपुर के सफेदपोश और उद्योगपतियों ने खनन का एक पट्टा लेने की आड़ में कई किलोमीटर तक नदियों को खोद दिया। इन पर पुलिस-प्रशासन का कोई डर नहीं दिखा। क्योंकि अफसरों से इनकी सेटिंग रहती है।
इन पर ईडी ने दर्ज किया है मुकदमा
दो आईएएस अधिकारियों के अलावा पट्टा धारकों महमूद अली, दिलशाद, मोहम्मद इनाम, नसीम अहमद, अमित जैन, विकास अग्रवाल, मोहम्मद वाजिद, मुकेश जैन, पुनीत जैन को नामजद किया गया है। इस मुकदमे में महबूब आलम भी नामजद है, लेकिन महबूब की मौत हो चुकी है। आरोपियों में अधिकतर सहारनपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि विकास अग्रवाल देहरादून निवासी है।
आपराधिक षड्यंत्र का है आरोप
ईडी ने केस में लिखा है कि अपने कार्यकाल में इन जिलाधिकारियों ने सहारनपुर में 2012 से 2015 के बीच नियमों की अनदेखी कर आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए 13 खनन पट्टों का नवीनीकरण कर दिया था। इसमें ई-टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और मैन्युअल पट्टों का नवीनीकरण कर दिया। उस वक्त की सरकार पर भी सवाल उठा। इस दौरान जमकर अवैध खनन किया गया। हर रोज करोड़ों का खनन नदियों में किया गया।
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अवैध खनन के बाद पुलिस की चेकिंग के दौरान गुजरता डंपर
- फोटो : अमर उजाला
नियम ताक पर
उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा से 10 किलोमीटर दूरी और यमुना से 500 मीटर की दूरी पर खनन की इजाजत नहीं मिल सकती। ये सख्त आदेश सुप्रीम कोर्ट का है। लेकिन खनन माफियाओं ने नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन किया। यमुना नदी से लगते बरथाकोली, नूनयारी आदि में 500 मीटर के दायरे में स्टोन क्रेशर तक लगे हुए हैं। जबकि बिहारीगढ़ के नौरंगपुर, खुशहालीपुर, गणेशपुर में जबरदस्त तरीके से अवैध खनन किया गया।
बरसाती नदियां छिपाती रहीं माफियाओं के गुनाह
खनन माफिया बरसात से ठीक पहले दिन-रात अवैध खनन करते रहे। खास कर रात के अंधेरे से लेकर सुबह तक खनन चलता रहा। जेसीबी और नदियों के लिए जानलेवा माने जाने वाली पोकलैंड मशीन लगाकर खनन हुआ और सारा अमला शांत रहा। नदियां ही बरसात में अपने साथ फिर बोल्डर और रेत लेकर आती हैं और माफिया के गुनाह ढंक जाते हैं।
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केवल खानापूर्ति को होती है धर-पकड़
खनन माफियाओं के लंबे हाथ शासन-प्रशासन, पुलिस तक रहे। प्रशासन-पुलिस पर जब कभी दबाव पड़ा तो कुछ एक की धरपकड़ कर ली। लेकिन उस वक्त की तस्वीरों पर नजर डालें तो खनन माफियाओं ने नदियों में 10 से 15 फीट तक गहरे गड्ढे खोदे, जो नियम के विरुद्ध है।
ये जो भी मामले आए हैं, वे पहले के हैं। ईडी ने मुकदमा दर्ज किया है। वो अपने तरीके से कार्य करते हैं। फिलहाल क्षेत्र में जो भी अवैध खनन हुआ, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। लगातार अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। इन दिनों कोई अवैध खनन नहीं हो रहा है।
- विद्या सागर मिश्र, एसपी देहात, सहारनपुर
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