मेरठ। किसानों को पर्याप्त गन्ना पर्ची नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान इसके लिए कंट्रोल रूम और अधिकारियों के नंबरों पर फोन कर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन बात न हीं बन पा रही है।
अप्रैल की 10 से 15 तारीख तक अमूमन सभी शुगर मिल आवंटित गन्ने की पेराई कर सत्र की समाप्ति कर देती हैं। लेकिन इस बार कोरोना के चलते सब कुछ थम गया। चीनी उत्पादन में यूज होने वाले कच्चे पदार्थ सल्फर और चूने की कमी से जहां मिलों की रफ्तार धीमी हो गई थी, अब माल मिलने पर रफ्तार तो सामान्य हुई है लेकिन अब किसानों के सामने पर्याप्त गन्ना पर्ची नहीं पहुंचने से सम्पूर्ण गन्ना आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है। वहीं गेहूं की कटाई में भी समस्या आ रही है।
खेतों में 25 से 30 फीसदी गन्ना बाकी
पेराई सत्र को 6 महीने बीतने के बाद भी अभी तक खेतो में पेराई योग्य 25 से 30 फीसदी गन्ना बचा हुआ है। ऊपर से गर्मी और गेहूं की कटाई को देखते हुए किसान चिंतित है कि उसका ये गन्ना कैसे जाएगा। अगर गन्ना नहीं गया तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों की मदद करेंगे
जब तक खेतों में गन्ना रहेगा, तब तक मिल चलेंगी। जिन किसानों की पर्ची खत्म हो गई है और उनके पास गन्ना बाकी है, ऐसे किसानों का सर्वे कराकर मदद की जाएगी। - राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त मेरठ मंडल