शहरों तक प्रवासी वोटरों तक पहुंच रहे दावेदार
पंचायत चुनाव लड़ने के दावेदारों ने प्रवासी वोटरों की महत्ता अच्छी तरह से समझ ली है। इसलिए चुनावी दावेदार गांवों से प्रवासियों के पते लेकर शहरों में उनके घरों तक पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर गांवों का पूरा घटनाक्रम उन्हें बता रहे हैं। मोबाइल फोन पर भी उनसे लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
मतदान के दिन गाड़ियों से बुलाए जाते हैं वोटर
मतदान के दिन प्रत्याशियाें द्वारा इन प्रवासी वोटरों को गांव में लाने के लिए बाकायदा गाड़ियां लगाई जाती हैं। कई प्रत्याशी तो वोटरों को गाड़ी का किराया तक देते हैं। गांव में आकर मतदान करके ये प्रवासी वेाटर हार-जीत में बड़ी भूमिका निभाते हैं। वोटरों को लाने के लिए प्रत्याशियों द्वारा पूरी रणनीति बनाई जाती है और टीमें बनाकर वोटरों को बूथ तक लाया जाता है।
शहरों में रहने वाले अधिकांश लोग भी गांवों के ही निवासी हैं। पैतृक घरों में उनके वोट बने हुए हैं। चुनाव में ये लोग अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए गांव से बाहर रहने वाले लोगों से लगातार संपर्क रखा जाता है। -मनोज त्यागी, ग्राम सिंहपुर निवासी
रोजगार के सिलसिले में लोग शहरों में जाते हैं लेकिन इससे उनका अपने गांवों के प्रति लगाव कम नहीं हो जाता। पंचायत चुनाव में बाहर रहने वाले लोगों की भी रुचि पंचायत चुनाव में होती है। इसलिए बड़ी संख्या में लोग गांव आकर चुनाव में अपना वोट डालते हैं। -विनीत कुमार, प्रवासी वोटर ग्राम कैली
मेरठ में पंचायतों की संख्या (वर्ष 2011)
ग्राम पंचायत 479
ग्राम पंचायत सदस्य 6373
क्षेत्र पंचायत सदस्य 824
जिला पंचायत सदस्य 33
मतदान केंद्र 865
मतदान स्थल 2351
कुल मतदाता 1335065
ग्राम प्रधान का आरक्षण (वर्ष 2021)
अनुसूचित जाति महिला 38
अनुसूचित जाति 67
ओबीसी महिला 47
अन्य पिछड़ा वर् 80
महिला 76
अनारक्षित 171