कॅरिअर काउंसलर डॉ. विक्रांत जावला ने कहा कि वर्तमान समय में स्वयं की काउंसलिंग, सही लोगों की संगत और गुरुजनों का मार्गदर्शन सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार और अच्छा चरित्र भी आवश्यक है। लक्ष्य बड़ा रखें, क्योंकि बड़े लक्ष्य के लिए संघर्ष और मेहनत जरूरी होती है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रिसर्च एंड डेवलपमेंट विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कड़ी मेहनत ही हर सफलता की आधारशिला है। यह अभी एक पड़ाव है, मंजिल अभी बाकी है। तकनीकी युग में तकनीक से जुड़ना बेहद जरूरी है अन्यथा व्यक्ति का मूल्य कम हो जाता है।
मुख्य अतिथि नीरज मित्तल ने कहा कि गुरुजनों से प्राप्त शिक्षा जीवन भर मार्गदर्शन करती है। जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य तय कर पूरी निष्ठा से तैयारी करें। उन्होंने अर्जुन के उदाहरण के माध्यम से लक्ष्य पर एकाग्रता का महत्व समझाया।समारोह की अध्यक्षता वीरेंद्र सिंह व संचालन राजपाल पारवा ने किया। इस अवसर पर कंवरपाल सिंह, प्रबंधक ओमकरण, ओमकार चौधरी, मानसिंह आर्य, गुलाब सिंह, धर्मेंद्र चौधरी, संजय, दीपक शर्मा, धर्मेंद्र, बृजेश सिंह रहे।