मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारियों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक कार्यालय पर डेरा डालने की घोषणा की है। कार्यालय परिसर में ही 14 जिलों के व्यापारी इकट्ठा होकर भट्ठी सुलगाकर खाना पकाएंगे।
लोकेश अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर विद्युत अधिकारियों से कई बार बातचीत हो चुकी है। इसके बावजूद लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। प्रीपेड मीटरों के कारण व्यापारियों और उपभोक्ताओं की बिजली बिना वजह कट रही है। रिचार्ज कराने के बाद भी कई-कई दिनों तक बिजली नहीं जुड़ पाती है। प्रीपेड मीटरों की सेवा प्रणाली भी ठीक से काम नहीं कर रही है।
उपभोक्ताओं को पुरानी जमानत राशि का विवरण नहीं दिया जा रहा है। समस्याओं के समाधान के लिए बिजलीघरों पर लोगों की लंबी लाइनें लगी हैं, पर कोई अधिकारी मदद नहीं कर पा रहा। कई उपभोक्ताओं के मोबाइल में विद्युत अधिकारी यूपीपीसीएल एप्लीकेशन भी डाउनलोड नहीं करवा पा रहे हैं। प्रीपेड मीटरों में अनाप-शनाप बिजली बिल आ रहे हैं, जो अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी ठीक नहीं हो पा रहे। शीघ्र ही व्यापारी पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक के ऊर्जा भवन स्थित कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
व्यापारियों की मुख्य शिकायतें
व्यापारी नेता रजनीश कौशल का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। विद्युत अधिकारियों का स्मार्ट प्रणाली बनाने का दावा खोखला साबित हो रहा है। बिजली बिना कारण कटने और रिचार्ज के बाद भी न जुड़ने जैसी शिकायतें आम हैं। गलत बिल और सेवा प्रणाली की समस्याएं उपभोक्ताओं को लगातार परेशान कर रही हैं।