सरधना। मुम्बई में मंदिर ध्वस्त करने और आतंकी हमले के विरोध में ज्ञापन देते जैन समाज के लोग। संव
सरधना। मुंबई के विले पार्ले में जैन मंदिर ध्वस्त किए जाने से सकल जैन समाज में आक्रोश है। जैन मंदिर तोड़ने पर विरोध जुलूस निकाल कर सकल जैन समाज ने मंदिर तोड़ने वाले अधिकारियों को निलंबित करने और मंदिर का पुनर्निर्माण कराए जाने की मांग की। साथ ही राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि मुंबई में 30 वर्ष पुराना जैन मंदिर असंवैधानिक तरीके से तोड़े जाने और जैन श्रद्धालुओं पर पुलिस, बीएमसी अधिकारियों की ओर से अमानवीय व्यवहार किया गया। शुक्रवार को नगर व क्षेत्र के जैन समाज के लोग तहसील परिसर पहुंचे। ज्ञापन में बताया कि मुंबई महा नगरपालिका के एक अधिकारी द्वारा 16 अप्रैल की सुबह विले पार्ले पूर्व स्थित जैन मंदिर को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया गया। इससे करोड़ों जैन श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरा प्रहार हुआ है। मंंदिर के पवित्र ग्रंथों को सड़क पर फेंक दिया गया। पूज्य तीर्थंकरों की मूर्तियों का अपमान किया गया। ज्ञापन में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
वहीं, जैन समाज के लोगों ने एक ज्ञापन पहलगाम में हुई आतंकी घटना के विरोध में भी प्रधानमंत्री के नाम देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आतंकी हमले में मारे गए पर्यटकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सरधना व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज जैन, राजीव जैन, मानिक चंद, पंकज टाली, नमन जैन, प्रियंका जैन, नेहा टाली आदि शामिल रहे।