स्कूल में बच्चों का प्रवेश कराकर फीस और किताबों के खर्चे से फ्री हुए थे कि तेल की अब कीमतों ने बजट बिगाड़ दिया है। तेल की कीमतों में लगी आग से रसोई का बजट भी झुलसने लगा है। शहर के कई इलाकों में सब्जी, फल भी महंगे हो गए हैं। इससे महिलाएं परेशान हैं कि घर का बजट कैसे मैनेज करें।
महंगाई कभी कम नहीं होती
कोई भी सरकार आ जाए, हमारे यहां महंगाई कम नहीं होती। आए दिन किसी न किसी चीज क दाम बढ़ जाते हैं। पता नहीं सरकार महंगाई कम करने पर ध्यान क्यों नहीं देती। -मेघा आहूजा, दशमेश नगर बागपत रोड
लौकी-तोरई से चल रहा घर
ज्यादातर सब्जियां महंगी हो गई हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। महंगाई ने सारा बजट बिगाड़ दिया है। मजबूरी में केवल लौकी-तोरई से ही काम चलाना पड़ रहा है। -रिचा राघव, शीलकुंज
यातायात हुआ महंगा बिगड़ा बजट
पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने महंगाई बढ़ा दी है। ऑटो वाले ने किराया बढ़ा दिया है। माह का पूरा बजट बिगड़ रहा है। अब बजट को कैसे नियंत्रित करें यह सबसे बड़ी मुश्किल है। -श्वेता शारदा शास्त्री नगर
व्यंजन नहीं सादा खाने से काम
प्याज, आलू, हरी सब्जी, फल सब महंगे हो रहे हैं। इससे पूरा बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। पिछले एक सप्ताह से केवल सादा खाना दाल-चावल सादी सब्जी बना रही हूं। -कीर्ति बाटला, शास्त्रीनगर
होटल में नहीं केवल घर पर खाना
महंगाई ऐसे धीरे-धीरे असर डाल रही है कि अब होटल में खाना भी बंद कर दिया है। होटल की बजाय घर पर ही डिनर कर रहे हैं। छोटी-छोटी बचत ही बजट को बचाती हैं। -माधुरी मिश्रा पल्लवपुरम
बाहर घूमना किया बंद
बाजार, शॉपिंग, सहेलियों का आना जाना बिल्कुल कम कर दिया है। इसलिए बाहर जाकर बजट बिगड़ने से अच्छा है कि घर में बैठे। किटी पार्टी भी कम कर दी है। -अंजू रहूला शास्त्रीनगर