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खुलासा: प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी हैं मेरठ के लघु उद्योग, पढ़िए खास रिपोर्ट

Sun, 30 Aug 2020 12:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो शालू अग्रवाल, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ की एक फैक्टरी में फुटबॉल के ब्लैडर तैयार करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश की अर्थव्यवस्था में मेरठ के उद्योग संजीवनी की भूमिका में हैं। सरकार के राजकोष में मेरठ के उद्योग दस हजार करोड़ रुपये से अधिक का योगदान करते हैं। पिछले दिनों उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ।

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राजस्व से सरकारों की झोली भरने वाले मेरठ के उद्योगों के विकास की कहानी आजादी से पूर्व की है। जब शहर कुटीर उद्योगों का केंद्र था। देश का पहला शॉपिंग मॉल मेरठ कैंट क्षेत्र में सेना द्वारा खोला गया था। हिंदुस्तान लीवर का पहला कारखाना भी मेरठ में लगा था। आजादी के बाद शहर में औद्योगिक विकास ने गति पकड़ी और नए उद्योग विकसित होते चले गए। यहां फिलहाल सरकारी और निजी लगभग दस औद्योगिक क्षेत्र संचालित हैं। जहां सुई से लेकर विमानों के पंखे तक बनते हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा 2010 में हुए औद्योगिक सर्वे में मेरठ जिले में कुल कारोबार 66, 856.49 लाख रुपये था।

लखनऊ, जयपुर से भी निकला आगे
मेरठ में औद्योगिक विकास दर 5.5 फीसदी है। 2007 में 10,089 करोड़ रुपये का योगदान राष्ट्रीय राजकोष में मेरठ ने दिया था। यह भोपाल, जयपुर, कोच्चि और भुवनेश्वर एवं लखनऊ से भी अधिक था। जिसने देश में मेरठ को 9वां स्थान दिलाया था।
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मुख्य बिंदु
. जिले में 45 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित
. जिला प्रशासन के पास 23, 471 औद्योगिक इकाइयां, 15, 510 छोटी इकाइयां व 7922 कुटीर उद्योग
. 50 से अधिक इकाइयां करती हैं निर्यात
. 10 लाख से अधिक परिवारों को मिलता है रोजगार

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ये हैं मेरठ के प्रमुख उद्योग
खेल एवं कृषि उपकरण, चीनी मिलें, मीटेक्स प्लांट, टेक्सटाइल, ट्रांसफार्मर उद्योग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, कलपुर्जे, सीमेंट उद्योग, फूड एंड बेवरेज, फूड प्रोसेसिंग, स्टील इंडस्ट्री, प्रकाशन उद्योग, रबर कारोबार, कालीन, हैंडलूम, फिटनेस उपकरण, केमिकल प्लांट, सर्जिकल आयटम, दवा और फर्टिलाइजर्स इंडस्ट्री, कागज, कैंची उद्योग, चमड़ा उद्योग, आसव व रसायन, बैंडबाजा, वाद्य यंत्र उद्योग, सराफा कारोबार, वाहन रिपेयरिंग व मोती उद्योग प्रमुख हैं।

बातचीत
मेरठ में उद्योग हैं और लोगों में काम करने का जज्बा भी। हालांकि सरकारी मशीनरी की ओर से उद्योगों के लिए प्रयास नहीं हो रहे हैं। सरकार औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कराए, सुविधाएं दे तो मेरठ का लघु उद्योग देश में नंबर एक पर आ सकता है। - पंकज गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष आईआईए

उद्यमी को अपने बलबूते ही उद्योग संचालन के लिए जूझना पड़ता है। सरकार कर्ज के बजाय सुविधाओं और सुगम संचालन का वातावरण दे तो मेरठ का उद्योग और तरक्की कर सकता है। - अनुराग अग्रवाल, अध्यक्ष आईआईए मेरठ चैप्टर

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