फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: 'टीईटी में जो होगा फेल, ये उसकी नौकरी ले लेंगे', राकेश टिकैत बोले- लड़ेंगे शिक्षकों की लड़ाई

Mon, 29 Sep 2025 11:24 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में भाकियू टिकैत शिक्षक प्रकोष्ठ की पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें राकेश टिकैत ने सोनम वांगचुक को गलत फंसाए जाने की बात कही और सरकार पर निशाना साधा। 
विज्ञापन
मंच पर मौजूद राकेश टिकैत और अन्य। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाईवे स्थित नारायण फार्म हाउस में भाकियू टिकैत शिक्षक प्रकोष्ठ की पंचायत में रविवार को टीईटी अनिवार्यता के विरोध में काफी संख्या में शिक्षक जुटे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शिक्षकों के समर्थन में अपनी बात रखी और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टीईटी के खिलाफ किसानों और मजदूरों की तरह शिक्षकों की लड़ाई भी लड़ी जाएगी। उनका शोषण बंद कराया जाएगा।
विज्ञापन

 

पंचायत में मौजूद शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रविंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में राकेश टिकैत का स्वागत किया गया। उन्होंने मंच से शिक्षकों को अपना समर्थन दिया। राकेश टिकैत ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता करके शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है। कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया और सरकार ने अपना फरमान सुना दिया। 
 

उन्होंने 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा से मुक्त रखने और उनकी नियुक्ति के समय पर निर्धारित सेवा शर्तों में किसी भी प्रकार का परिवर्तन न करने की बात कही। इसके साथ ही पुरानी पेंशन बहाल करने, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशिष्ट शिक्षिकों को नियमित शिक्षकों की तुलना में बहुत कम वेतन मिलने, समान कार्य समान वेतन के आधार पर बढ़ाए जाने, परिषदीय शिक्षक के रूप में तैनात पति पत्नी को गृह जनपद में स्थानांतरित किए जाने, शिक्षकों पर गैरशैक्षिणक कार्यो का बोझ न डालने के मुद्दे पर आंदोलन में साथ देने का भरोसा दिलाया।
 

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जो टीईटी में फेल होंगे, उन्हें घर बैठाया जाएगा। जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, शिक्षकों के लिए लड़ाई जारी रहेगी। भाकियू प्रवक्ता ने शिक्षकों से चुटकी लेते हुए कहा कि बहुत कमाते हो, अपनी सासू को भी 10 हजार रुपये दे दिया करो। इस पर पंचायत में मौजूद शिक्षक शिक्षिकाएं ठहाके लगाकर हंसने लगे। 
 

पंचायत की अध्यक्षता गुर्जर खिलारी सिंह ने की। संचालन अनु चौधरी, डॉ. संजीव, विनेश कुमार व अनुराग चौधरी ने किया। इस दौरान अधिकारियों को 22 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। पंचायत में मनीष गोयल, विनेश कुमार, ज्योति चौधरी, अनूप यादव, हर्ष चहल, विपुल, विभूति, रविंद्र दौरालिया, प्रशांत, कुलदीप आदि मौजूद रहे।
 
विज्ञापन

संविधान को कुचलने का हो रहा प्रयास
लद्दाख में हिंसा के मामले में राकेश टिकैत ने कहा कि सोनम वागंचुक अपनी बात रखने के लिए दिल्ली आए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने लद्दाख पहुंचकर अनशन शुरू कर दिया। इसके बाद युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर बवाल किया, लेकिन सरकार ने शांति से अनशन कर रहे सोनम वागंचुक पर सारा दोष लगा दिया। यह संविधान को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें