मजदूर वर्ग पर सबसे ज्यादा असर
कड़ाके की ठंड का सबसे अधिक असर मजदूर वर्ग, रिक्शा चालकों, ठेले वालों और खुले में काम करने वाले लोगों पर देखने को मिल रहा है। सुबह और शाम ठंड इतनी तेज हो जाती है कि लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं।
सड़कों और यातायात पर असरघने कोहरे के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रही। वहीं ट्रेनों और बसों की आवाजाही भी प्रभावित हुई, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। उन्होंने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।