ये हैं प्रमुख मांगे
-तीन दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री के साथ हुई समझौता वार्ता का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए
-ओबरा और अनपरा में स्थापित की जा रही नई बिजली परियोजनाएं उत्पादन निगम को दी जाएं
-नए बनने वाले सभी विद्युत उपकेंद्रों एवं लाइनों का कार्य यूपी पावर ट्रांस्को को दिया जाए
-वर्ष 2000 के बाद में सभी बिजलीकर्मियों के लिए पुरानी पेंशन की व्यवस्था लागू की जाए
-बिजली निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का गठन किया जाए
-संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए
सोमवार को भी देहात क्षेत्र में प्रभावित रही आपूर्ति
विद्युत कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सोमवार को भी विद्युुत आपूर्ति पटरी पर नहीं लौट पाई। शहर में तो हालात काफी ठीक रहे, लेकिन देहात क्षेत्र में सोमवार को भी फाल्ट ठीक करने का कार्य चलता रहा। खरखौदा, बिजौली, सिसौली, मऊखास, माछरा, सियाल, गोकलपुर समेम कई गांवों में सोमवार शाम तक कार्य होता रहा। 11 केवी की लाइन में हुए फाल्ट को ठीक करने का कार्य चलता रहा। सोमवार देर शाम तक ही विद्युत आपूर्ति पटरी पर लौट सकी। अधीक्षण अभियंता देहात संजीव कुमार ने बताया कि सोमवार को कुछ जगहों पर कार्य किए जाते रहे।
कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। ऊर्जा मंत्री से वार्ता के बाद इसे समाप्त किया गया है। अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। -आरए कुशवाह, संयोजक विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति
कर्मचारियों की मांगों पर कोर्ट में भी विचार किया जा रहा है। हड़ताल का ही नतीजा है कि जल्द ही इसमें निर्णय आने वाला है। -दिलमणि थपलियाल, प्रांतीय उप महामंत्री, विद्युत मजदूर पंचायत