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कोरोना: दो दिन से एंबुलेंस में रखा था शव, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, फिर हुआ किसान का अंतिम संस्कार

Wed, 13 May 2020 01:49 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • वीडियो वायरल होते ही हुआ किसान का अंतिम संस्कार  
  • संभल के कोरोना पॉजिटिव किसान की मेडिकल कॉलेज में मौत होने का मामला
  • दो दिन से एंबुलेंस में रखा रहा शव, कोई उतारने को तैयार नहीं हुआ
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मेरठ में सूरजकुंड श्मशान घाट पर जानकारी देता शख्स - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में सूरजकुंड श्मशान घाट पर सोमवार दो बजे से शव एंबुलेंस में है। कोई उतारने को तैयार नहीं। मैं अकेला हूं। स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात हुई। लेकिन कोई हल नहीं निकला है। संभल निवासी मनोज शर्मा का मंगलवार को इस तरह का वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया।  

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इस वायरल वीडियो में मनोज सूरजकुंड श्मशान घाट पर एंबुलेंस के सामने खड़े हुए हैं। उनकी इस वीडियो को कुछ लोगों ने यूपी सरकार को टैग भी किया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हरकत में आया। दो कर्मचारियों को भेजकर शव उतरवाकर किसान भगवत शर्मा का अंतिम संस्कार कराया गया। किसान भगवत के भतीजे मनोज शर्मा का कहना है कि यह वीडियो उन्होंने मंगलवार सुबह आठ बजे व्हाट्सएप ग्रुप पर डाला था, जिसके बाद सुबह दस बजे उनके चाचा का अंतिम संस्कार किया गया। 

दरअसल, संभल के कोरोना पॉजिटिव किसान भगवत शर्मा (65) की रविवार को मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उनका शव सोमवार रात तक भी संभल नहीं पहुंचा था। यह भी तय नहीं हो पाया था कि उनका अंतिम संस्कार मेरठ में कराया जाएगा या संभल में। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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यह पहला मामला नहीं
यह पहला ऐसा मामला नहीं है। इससे पहले हैदराबाद की युवती और बिहार के युवक के शव के साथ भी ऐसा ही हुआ था। उनका भी कई दिन बाद यही अंतिम संस्कार करना पड़ा था। 

दरअसल, कोरोना का कहर ऐसा है जिससे मरने वाले का आखिरी सफर भी पूरा करने में परिवार वालों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। एक तो अंतिम संस्कार में परिवार के चंद लोग ही शामिल हो पाते हैं, दूसरा शव को एक जिले से दूसरे जिले में ले जाने में भी तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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