रामायण कालीन इस मंदिर को लेकर पुजारी पक्ष (राशि शर्मा) व जगन्नाथ मंदिर सेवा ट्रस्ट (विजय गोयल) के बीच चल रहा विवाद अब बढ़ गया है। विधायक अमित अग्रवाल को बमुश्किल मंदिर में जाने दिया गया। पुजारी पक्ष के कई लोगों की उनके साथ कहासुनी होती रही। कई जनप्रतिनिधियों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
सदर थाने के पीछे रामायण कालीन विल्वेश्वर नाथ मंदिर परिसर शुक्रवार को अखाड़ा बन गया। पुजारी पक्ष और जगन्नाथ मंदिर सेवा ट्रस्ट के बीच जमकर हंगामा हुआ। यहां तक की कैंट विधायक अमित अग्रवाल को भी मंदिर में प्रवेश करने में जद्दोजहद का सामना करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
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एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज के साथ धक्कामुक्की।
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को मंदिर में बलदेव छठ का आयोजन किया गया। जगन्नाथ मंदिर सेवा ट्रस्ट के लोगों, आम जनता और यहां तक की विधायक को भी अंदर जाने से रोका गया। इसी बीच पुजारी पक्ष से राशि शर्मा ने कहा कि विधायक मंदिर में आ सकते हैं, उन्हें नहीं रोका जाएगा। मगर इसके अलावा ट्रस्ट के लोगों को अंदर नहीं आने दिया जाएगा। इसके बाद विधायक अंदर आए। उनके पीछे-पीछे कुछ जनप्रतिनिधि भी धक्का-मुक्की के बाद मंदिर में आए।
दोनों पक्षों को शांत कराती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं और समिति ट्रस्ट वालों को प्रसाद चढ़ाने से रोका गया, तो विधायक ने भी इसका विरोध किया। हालात बेकाबू होने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करने का प्रयास किया।
लोगों को अंदर जाने से रोका गया।
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, कैंट के पूर्व पार्षद अनिल जैन सहित बड़ी संख्या में लोगों के साथ धक्कामुक्की हुई। समिति ट्रस्ट की तरफ से और उन्हीं के साथ मंदिर में पहुंचीं मंजू शर्मा ने पुजारी पक्ष की महिलाओं के खिलाफ तहरीर दी है।