शुक्रवार को मानसूनी बारिश ऐसी बरसी कि सब जगह जलभराव हो गया। इस बार मानसून की रफ्तार अच्छी होने के चलते करीब डेढ़ घंटे में 55 मिली मीटर बारिश दर्ज की चुकी है। अगस्त माह में अब तक करीब 175 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है, जो पिछले कई साल की तुलना में अधिक है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी में लोगों का बुरा हाल था। शुक्रवार सुबह सात बजे से मौसम बदल गया। देखते ही देखते आसमान पर बादल छा गए और झमाझम बारिश शुरु हो गई। बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। काले बादलों के चलते दिल्ली देहरादून हाईवे पर भी वाहन स्वामियों को लाइट जलाकर चलना पड़ा।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला प्रभारी अशोक गुप्ता के अनुसार सुबह नौ बजे तक 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो कि शाम तक काफी बढ़ जाएगी। जुलाई माह के बाद अगस्त माह में अब तक 175 मिमी के करीब बारिश रिकार्ड की गई है।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम शमीम का कहना है कि यह बारिश गर्मी के साथ फसलों के लिए भी लाभकारी रहेगी। किसानों की धान और गन्ने की फसल को फायदा मिलेगा।
जलभराव बना मुसीबत
अगस्त माह के विदा होने से पहले शुक्रवार की सुबह बारिश ने जनजीवन भी प्रभावित कर दिया। सुबह के समय स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीगते हुए स्कूली बच्चे स्कूल तक पहुंचे। कई जगह जाम की समस्या होने से बच्चे लेट भी हुए। कई जगह रोड पर दो-दो फीट पानी भर गया।