बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से मजार के निर्माण की बात कही है। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से यहां पर निर्माण हो गया है और इन्हें भनक नहीं है। उन्होंने अवैध निर्माण हटाने की मांग की है।
वहीं मामले को लेकर एसडीएम मवाना ने कहा है कि मजार का अवैध निर्माण करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को एफआईआर करने के निर्देश दिए गए हैं और स्थिति का निरीक्षण भी किया गया है जल्द ही अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
अमर उजाला में कई बार प्रकाशित की गई खबर
पांडव टीले के आसपास हो रहे अवैध निर्माण की ख़बर अमर उजाला ने कई बार प्रकाशित किए और अधिकारियों से भी लगातार बातचीत की गई लेकिन किसी भी अधिकारी ने अवैध निर्माण को हटाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की अब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अवैध निर्माण कर बनाए गए मजार को नहीं हटाया गया तो वह बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
मजार बनते ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू
मजार पर आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वह लंबे समय से इस मजार पर आ रहे हैं। पहले यह मजार पांडव किले पर मौजूद थी जहां पर पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उत्खनन किया गया और उसके बाद वहां से मजार को हटाया गया, जिसके बाद पांडव टीले के समीप बस्ती की तरफ इसे स्थापित किया गया। जबकि बजरंग दल और प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के पदाधिकारी द्वारा कहा गया है कि पांडव टीले पर कोई मजार मौजूद और यह मजार भी हाल ही में अवैध रूप से बनाई गई है।