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Meerut: हस्तिनापुर में संरक्षित क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाने को लेकर हिंदू संगठनों का हंगामा

Thu, 08 Sep 2022 02:24 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

हस्तिनापुर में पांडव टीले के समीप पुरातत्व विभाग के संरक्षित क्षेत्र में मजार के अवैध निर्माण को हटवाने की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। एसडीएम मवाना का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अवैध निर्माण का विरोध करते बजरंग दल के कार्यकर्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ से सटी ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में पांडव टीले के समीप पुरातत्व विभाग के संरक्षित क्षेत्र में पुराने हस्तिनापुर के रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण करने को लेकर गुरुवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। अवैध निर्माण की शिकायत कई दिनों से शासन-प्रशासन के अधिकारियों से की जा रही थी लेकिन अवैध निर्माण को नहीं हटवाया गया। आज सुबह विश्व हिंदू बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद अधिकारियों की नींद टूटी और अवैध निर्माण करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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कस्बे का प्राचीन पांडव टीला पुरातत्व विभाग के अधीन है। यहां पर कई दिनों पूर्व पुराने हस्तिनापुर निवासी एक व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण किया गया। यह निर्माण एक मजार है। जहां पर मान्यता के चलते दूर-दराज से लोग झाड़ू, गुड़, चादर और मुर्गे की बलि देने के लिए पहुंचने लगे। इस बात की भनक गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को लगी तो उन्होंने मामले की उच्च पदाधिकारियों को दी जिनके द्वारा शासन प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया। मामले की जानकारी लगते ही शासन-प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

गुरुवार को पांडव टीले पर विश्व हिंदू बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान यहां पहले ही दिल्ली व अन्य जगहों से आए कई श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे थे। श्रद्धालुओं द्वारा वहां पर मुर्गे की बलि देने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। 
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मौके पर मौजूद दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कहा कि हिंदू संगठित क्षेत्र है और यहां पर कोई बलि नहीं दी जाएगी और यह मजार का निर्माण अवैध है। यह लोगों को गुमराह करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि इसे छुड़वाने के लिए शासन-प्रशासन के अधिकारियों से कहा गया है।

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बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से मजार के निर्माण की बात कही है। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से यहां पर निर्माण हो गया है और इन्हें भनक नहीं है। उन्होंने अवैध निर्माण हटाने की मांग की है। 

वहीं मामले को लेकर एसडीएम मवाना ने कहा है कि मजार का अवैध निर्माण करने वाले व्यक्ति के खिलाफ पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को एफआईआर करने के निर्देश दिए गए हैं और स्थिति का निरीक्षण भी किया गया है जल्द ही अतिक्रमण हटवाया जाएगा।

अमर उजाला में कई बार प्रकाशित की गई खबर
पांडव टीले के आसपास हो रहे अवैध निर्माण की ख़बर अमर उजाला ने कई बार प्रकाशित किए और अधिकारियों से भी लगातार बातचीत की गई लेकिन किसी भी अधिकारी ने अवैध निर्माण को हटाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की अब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अवैध निर्माण कर बनाए गए मजार को नहीं हटाया गया तो वह बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

मजार बनते ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू
मजार पर आए श्रद्धालुओं ने बताया कि वह लंबे समय से इस मजार पर आ रहे हैं। पहले यह मजार पांडव किले पर मौजूद थी जहां पर पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा उत्खनन किया गया और उसके बाद वहां से मजार को हटाया गया, जिसके बाद पांडव टीले के समीप बस्ती की तरफ इसे स्थापित किया गया। जबकि बजरंग दल और प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर के पदाधिकारी द्वारा कहा गया है कि पांडव टीले पर कोई मजार मौजूद और यह मजार भी हाल ही में अवैध रूप से बनाई गई है।
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